नई दिल्ली: न्याय मिलने में हुई देरी का एक बेहद मार्मिक उदाहरण उत्तर प्रदेश के 1977 के चर्चित हत्या मामले में सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने 45 साल बाद ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को बरी कर दिया। हालांकि, इस फैसले की सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि इनमें से एक आरोपी अपनी पूरी उम्रकैद की सजा पहले ही जेल में काट चुका था और बाद में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सजा माफ किए जाने के बाद ही उसकी रिहाई हो सकी। 1977 में हुए इस…
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रेप पीड़िता को बार-बार कोर्ट बुलाना उचित नहीं, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी; त्रिपुरा हाईकोर्ट का आदेश रद्द
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िताओं के अधिकारों और संवेदनशीलता को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि ट्रायल के दौरान किसी रेप पीड़िता को बार-बार अदालत में बुलाकर क्रॉस-एग्जामिनेशन की प्रक्रिया से गुजरने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने इस संबंध में त्रिपुरा हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें आरोपी की मांग पर पीड़िता को दोबारा अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ…
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