नई दिल्ली: सनातन परंपरा और वास्तु शास्त्र में रसोईघर को घर का सबसे पवित्र स्थान माना गया है। मान्यता है कि रसोई केवल भोजन बनाने का स्थान नहीं, बल्कि परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र भी होती है। इसी कारण भोजन तैयार करते समय और उसे परोसते वक्त कुछ विशेष नियमों का पालन करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इन्हीं परंपराओं में पहली रोटी गाय और आखिरी रोटी कुत्ते को खिलाने की मान्यता भी शामिल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह परंपरा केवल…
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22 जून को सूर्य बदलेंगे नक्षत्र, 4 राशियों पर बरसेगी किस्मत की मेहरबानी; करियर और धन लाभ के बन रहे प्रबल योग
नई दिल्ली: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 22 जून 2026 को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र से निकलकर राहु के स्वामित्व वाले आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस परिवर्तन को ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है, क्योंकि इसी अवधि से वर्षा ऋतु की औपचारिक शुरुआत भी मानी जाती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य का आर्द्रा नक्षत्र में गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर प्रभाव डालेगा, लेकिन कुछ…
Read Moreगरुड़ पुराण की चेतावनी! ये 5 आदतें छीन सकती हैं सुख-समृद्धि, धनवान व्यक्ति भी पहुंच सकता है आर्थिक संकट तक
नई दिल्ली: सनातन धर्म के प्रमुख ग्रंथों में शामिल गरुड़ पुराण केवल मृत्यु, कर्म और परलोक से जुड़े विषयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को बेहतर बनाने वाले अनेक व्यवहारिक और नैतिक सिद्धांतों का भी उल्लेख करता है। गरुड़ पुराण के आचार कांड में दैनिक जीवन, स्वच्छता, अनुशासन और सामाजिक व्यवहार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ ऐसी आदतें हैं, जो व्यक्ति की उन्नति में बाधा बन सकती हैं और घर की सुख-समृद्धि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।…
Read Moreनिर्जला एकादशी पर बनेगा दुर्लभ नवपंचम राजयोग! शनि-शुक्र की युति से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन और सफलता के बनेंगे प्रबल योग
नई दिल्ली: इस वर्ष 25 जून को पड़ने वाली निर्जला एकादशी धार्मिक आस्था के साथ-साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद खास मानी जा रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन शनि और शुक्र के विशेष संबंध से नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा, जिसे शुभ और प्रभावशाली योगों में गिना जाता है। माना जा रहा है कि इस योग का प्रभाव कई राशियों पर सकारात्मक रहेगा, जबकि चार राशियों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। क्या होता है नवपंचम राजयोग? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब…
Read MoreBedroom Vastu Tips: रातभर नहीं आती सुकून भरी नींद? बेडरूम से तुरंत हटाएं ये चीजें, वास्तु के ये आसान उपाय बदल देंगे सब कुछ
Bedroom Vastu Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनिद्रा, बार-बार नींद टूटना और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई बार इसके पीछे केवल खराब दिनचर्या ही नहीं, बल्कि बेडरूम का वास्तु भी जिम्मेदार माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम में मौजूद कुछ गलतियां सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करती हैं, जिससे नींद और मानसिक शांति पर असर पड़ता है। अगर आप भी अच्छी और गहरी नींद चाहते हैं तो कुछ आसान वास्तु उपाय अपनाकर बड़ा बदलाव महसूस कर सकते हैं। बिस्तर की दिशा का…
Read Moreसूर्य देव को तांबे के लोटे से ही क्यों दिया जाता है अर्घ्य? जानें धार्मिक मान्यता और इसके पीछे का विज्ञान
नई दिल्ली: वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ माह में सूर्य देव 15 मई को वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ ही वृषभ संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन सूर्य उपासना और विशेष रूप से अर्घ्य देने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करने से विशेष फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। तांबे के लोटे से अर्घ्य देने की परंपरा क्यों है खास? धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं…
Read MoreKitchen Vastu Tips: रसोई में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, नाराज हो सकती हैं मां अन्नपूर्णा; जानें सही नियम
हिंदू मान्यताओं में रसोईघर को केवल भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना गया है। कहा जाता है कि जहां रसोई साफ-सुथरी और संतुलित होती है, वहां मां अन्नपूर्णा का वास होता है और घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं रहती। ऐसे में किचन से जुड़े कुछ वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना गया है, क्योंकि छोटी-छोटी गलतियां भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। रसोई में भूलकर भी न करें ये गलतियां रसोई में टूटे या चटके बर्तनों का इस्तेमाल अशुभ माना जाता…
Read Moreशनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाते समय तेल में डालें ये खास चीज, शनि साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव हो सकता है कम
शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है और शनिवार का दिन उन्हें समर्पित होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं और उनकी कृपा से जीवन में बड़े बदलाव संभव हैं, वहीं उनकी नाराजगी जीवन में कई तरह की बाधाएं भी ला सकती है। माना जाता है कि जब किसी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चलती है तो मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। पीपल की पूजा का विशेष महत्वशनिवार के दिन पीपल वृक्ष की पूजा…
Read MoreRam Navami 2026: क्यों मनाई जाती है राम नवमी, जानें भगवान राम के जन्म की पूरी कथा और महत्व
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाई जाने वाली राम नवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, मर्यादा और आदर्श जीवन मूल्यों का प्रतीक है। यह दिन भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। लेकिन इस पर्व के पीछे की कथा और इसका महत्व बेहद गहरा और प्रेरणादायक है। कैसे हुआ भगवान राम का जन्म?पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ के पास सब कुछ होते हुए भी संतान नहीं थी, जिससे वह चिंतित रहते…
Read MoreChaitra Navratri 2026: खरमास और पंचक के बीच भी होगी घटस्थापना, जानिए पूजा का सही मुहूर्त और पूरी विधि
नई दिल्ली। चैत्र नवरात्र का पावन पर्व इस वर्ष 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हो रहा है। हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इस बार नवरात्र की शुरुआत ऐसे समय में हो रही है जब पंचांग के अनुसार खरमास और पंचक का संयोग बना हुआ है। सामान्य तौर पर इन दोनों स्थितियों को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, इसलिए कई श्रद्धालुओं के मन में घटस्थापना और देवी पूजा को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। हालांकि धर्मग्रंथों और ज्योतिष…
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