2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण आज रात, भारत में नहीं आएगा नजर; जानें सही समय, सूतक काल और क्या होंगे नियम

नई दिल्ली: साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात को लगेगा। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन भारत में इसे देखा नहीं जा सकेगा। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण रात 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा और 13 अगस्त की रात 1 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण का चरम रात 11 बजकर 16 मिनट पर रहेगा। पूरी खगोलीय घटना करीब 4 घंटे 24 मिनट तक चलेगी। रात 11:16 बजे ग्रहण चरम पर इस सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को अपनी छाया से ढकता…

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शिमला-मनाली नहीं, झारखंड के ये हिल स्टेशन हैं प्रकृति का छुपा खजाना! शांत छुट्टियों के लिए आज ही बना लें प्लान

नई दिल्ली: अगर छुट्टियों में भीड़भाड़ से दूर शांति, हरियाली, पहाड़ और झरनों के बीच वक्त बिताना चाहते हैं तो झारखंड आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है। आमतौर पर लोग घूमने के लिए हिमाचल, उत्तराखंड या केरल का रुख करते हैं, लेकिन झारखंड की प्राकृतिक खूबसूरती भी किसी से कम नहीं है। घने जंगल, पहाड़, झरने और शांत वातावरण यहां की यात्रा को यादगार बना सकते हैं। आइए जानते हैं झारखंड के उन हिल स्टेशनों के बारे में, जहां प्रकृति के करीब कुछ सुकून भरे दिन बिताए जा सकते…

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12 अगस्त को लगेगा दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण, दिन में छा जाएगा अंधेरा; जानें भारत में दिखेगा या नहीं

नई दिल्ली: खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए 12 अगस्त 2026 बेहद खास रहने वाला है। इस दिन दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, जिसके दौरान कुछ क्षेत्रों में दिन के समय कुछ मिनटों के लिए अंधेरा छा जाएगा। हालांकि यह खगोलीय घटना भारत में दिखाई नहीं देगी, लेकिन दुनिया के कई देशों में इसका अद्भुत नजारा देखा जा सकेगा। इच्छुक लोग इसे ऑनलाइन लाइव भी देख सकेंगे। किन देशों में दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों के अनुसार 12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण रूस के उत्तरी हिस्से,…

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5 अगस्त के बाद बनेगा बुध-शनि का नवपंचम योग, इन 3 राशियों पर रह सकती है शुभ प्रभाव, करियर और धन लाभ के बन रहे योग

नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 5 अगस्त की रात बुध ग्रह मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के साथ बुध और शनि के बीच नवपंचम योग का निर्माण होगा। ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक यह शुभ योग 22 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान कुछ राशियों के जातकों को करियर, आर्थिक स्थिति और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है। क्या होता है नवपंचम योग? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब दो ग्रह एक-दूसरे से पंचम और नवम भाव में स्थित होते हैं,…

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सावन में शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से पहले जान लें ये 4 अहम नियम, तभी पूर्ण मानी जाती है भगवान शिव की पूजा

नई दिल्ली: सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो चुका है और पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, लेकिन इसे अर्पित करने के भी कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। इन नियमों का पालन करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होने की मान्यता है। सोमवार और चतुर्थी को बेलपत्र न तोड़ें धार्मिक मान्यता के…

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देवघर की अद्भुत परंपरा! बाबा बैद्यनाथ से पहले क्यों होता है मां काली का श्रृंगार? जानिए हृदयपीठ का धार्मिक रहस्य

देवघर: झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में सदियों से चली आ रही एक अनूठी धार्मिक परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभाई जाती है। यहां प्रतिदिन शाम को बाबा बैद्यनाथ का श्रृंगार करने से पहले मां काली का श्रृंगार किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि देवघर शिव और शक्ति के संयुक्त स्वरूप का पवित्र धाम है, इसलिए यहां पूजा की यह विशेष परंपरा आज भी कायम है। हृदयपीठ होने के कारण निभाई जाती है यह परंपरा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवघर वह स्थान है…

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श्रावण पुत्रदा एकादशी 2026 कब है? नोट कर लें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व

नई दिल्ली: सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है। इस पूरे माह में भगवान शिव की आराधना के साथ कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। इन्हीं में से एक है श्रावण शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी, जिसे पवित्रोपना एकादशी और पवित्र एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर संतान सुख की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। कब रखा जाएगा श्रावण पुत्रदा एकादशी…

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गरुड़ पुराण में क्या है अंतिम संस्कार का नियम? जानिए चिता पर मृतक का सिर किस दिशा में रखने की मान्यता

नई दिल्ली: सनातन परंपरा में अंतिम संस्कार को जीवन के महत्वपूर्ण संस्कारों में माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के बाद किए जाने वाले प्रत्येक कर्म का विशेष महत्व होता है। गरुड़ पुराण में भी अंतिम संस्कार से जुड़े कई नियमों का उल्लेख मिलता है। इन्हीं में एक प्रमुख नियम मृतक के शरीर को चिता पर रखने की दिशा से संबंधित है, जिसे आत्मा की शांति और मुक्ति से जोड़कर देखा जाता है। गरुड़ पुराण में क्या बताया गया है? गरुड़ पुराण के अनुसार, अंतिम संस्कार के समय…

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Garuda Puran Tips: गरुड़ पुराण के ये 3 नियम बदल सकते हैं आपकी किस्मत! घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि, मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा

नई दिल्ली: सनातन धर्म में गरुड़ पुराण को प्रमुख महापुराणों में से एक माना जाता है। इसमें केवल मृत्यु के बाद की अवस्थाओं का ही वर्णन नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने, नैतिक आचरण अपनाने और सुख-समृद्धि प्राप्त करने के कई महत्वपूर्ण सूत्र भी बताए गए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि व्यक्ति गरुड़ पुराण में बताए गए कुछ सरल नियमों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना ले, तो जीवन की कई बाधाएं दूर हो सकती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा के साथ समृद्धि का वातावरण बना रहता है।…

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