सूर्य देव को तांबे के लोटे से ही क्यों दिया जाता है अर्घ्य? जानें धार्मिक मान्यता और इसके पीछे का विज्ञान

नई दिल्ली: वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ माह में सूर्य देव 15 मई को वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ ही वृषभ संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन सूर्य उपासना और विशेष रूप से अर्घ्य देने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करने से विशेष फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। तांबे के लोटे से अर्घ्य देने की परंपरा क्यों है खास? धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं…

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Kitchen Vastu Tips: रसोई में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, नाराज हो सकती हैं मां अन्नपूर्णा; जानें सही नियम

हिंदू मान्यताओं में रसोईघर को केवल भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना गया है। कहा जाता है कि जहां रसोई साफ-सुथरी और संतुलित होती है, वहां मां अन्नपूर्णा का वास होता है और घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं रहती। ऐसे में किचन से जुड़े कुछ वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना गया है, क्योंकि छोटी-छोटी गलतियां भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। रसोई में भूलकर भी न करें ये गलतियां रसोई में टूटे या चटके बर्तनों का इस्तेमाल अशुभ माना जाता…

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शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाते समय तेल में डालें ये खास चीज, शनि साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव हो सकता है कम

शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है और शनिवार का दिन उन्हें समर्पित होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं और उनकी कृपा से जीवन में बड़े बदलाव संभव हैं, वहीं उनकी नाराजगी जीवन में कई तरह की बाधाएं भी ला सकती है। माना जाता है कि जब किसी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चलती है तो मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। पीपल की पूजा का विशेष महत्वशनिवार के दिन पीपल वृक्ष की पूजा…

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Ram Navami 2026: क्यों मनाई जाती है राम नवमी, जानें भगवान राम के जन्म की पूरी कथा और महत्व

चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाई जाने वाली राम नवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, मर्यादा और आदर्श जीवन मूल्यों का प्रतीक है। यह दिन भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। लेकिन इस पर्व के पीछे की कथा और इसका महत्व बेहद गहरा और प्रेरणादायक है। कैसे हुआ भगवान राम का जन्म?पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ के पास सब कुछ होते हुए भी संतान नहीं थी, जिससे वह चिंतित रहते…

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Chaitra Navratri 2026: खरमास और पंचक के बीच भी होगी घटस्थापना, जानिए पूजा का सही मुहूर्त और पूरी विधि

नई दिल्ली। चैत्र नवरात्र का पावन पर्व इस वर्ष 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हो रहा है। हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इस बार नवरात्र की शुरुआत ऐसे समय में हो रही है जब पंचांग के अनुसार खरमास और पंचक का संयोग बना हुआ है। सामान्य तौर पर इन दोनों स्थितियों को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, इसलिए कई श्रद्धालुओं के मन में घटस्थापना और देवी पूजा को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। हालांकि धर्मग्रंथों और ज्योतिष…

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39 दिनों तक सतर्क रहने की जरूरत: 13 मार्च को शनि होंगे अस्त, कन्या, सिंह और मकर राशि पर सबसे ज्यादा असर

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार न्याय के देवता माने जाने वाले शनि देव 13 मार्च 2026 को शाम 7:38 बजे अस्त होने जा रहे हैं। इस समय शनि ग्रह मीन राशि में सूर्य के बेहद करीब होंगे, जिसके कारण उनकी शक्ति कम मानी जाती है। ज्योतिष में इस स्थिति को “ग्रह का अस्त होना” कहा जाता है। बताया जा रहा है कि शनि 18 अप्रैल 2026 को सुबह 5:29 बजे दोबारा उदित होंगे। इस दौरान 15 मार्च से 14 अप्रैल तक सूर्य भी मीन राशि में रहेगा, जिससे शनि…

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Surya Grahan 2026: अमावस्या पर लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, दिन में छा जाएगा अंधेरा; जानिए तारीख, समय और कहां दिखेगा

साल 2026 में लगने वाले सूर्य ग्रहणों में से पहला ग्रहण 17 फरवरी को लग चुका है, जबकि अब दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। यह ग्रहण खगोलीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान कई क्षेत्रों में सूर्य पूरी तरह ढक जाएगा, जिससे दिन में ही घना अंधेरा छा सकता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा, जो इसे और भी विशेष बनाता है। सूर्य ग्रहण की तारीख और समय साल का दूसरा…

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Holi Kyu Manate Hain: होलिका दहन की कहानी तो जानते हैं, लेकिन रंगों वाली होली क्यों खेली जाती है? जानिए राधा-कृष्ण से जुड़ी पौराणिक कथा

फाल्गुन माह हिंदू पंचांग में बेहद खास माना जाता है। इसी महीने की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है और अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है। होलिका दहन की कथा असुर राजा हिरण्यकश्यप और भगवान प्रह्लाद से जुड़ी है, जिसे अधिकांश लोग जानते हैं। लेकिन रंगों वाली होली की शुरुआत कैसे हुई, इसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। राधा-कृष्ण से जुड़ी है रंगों की होली की परंपरा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रंगों से होली खेलने की परंपरा द्वापर युग से चली आ रही है।…

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Chandra Grahan 2026: आज दोपहर 3:20 बजे से साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण, जानें भारत में कितनी देर दिखेगा ‘ब्लड मून’ और क्या करें उपाय

फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर आज साल 2026 का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लग रहा है। खास बात यह है कि यह खगोलीय घटना होली के पर्व के साथ संयोग बना रही है। पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल-भूरे रंग का दिखाई देता है, जिसे आमतौर पर ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा। इसकी कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट रहेगी। भारतीय मौसम विभाग यानी…

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Holika Dahan 2026: होलिका दहन में आग में क्या डालें और इसके लाभ क्या हैं?

होलिका दहन होली से एक दिन पहले फाल्गुन पूर्णिमा को किया जाता है। साल 2026 में यह पर्व ज्यादातर विद्वानों के अनुसार 2 मार्च की शाम को मनाना शुभ रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलिका की आग में कुछ विशेष वस्तुएं डालना बेहद शुभ माना जाता है। इन चीजों को अग्नि में अर्पित करने से जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, और सकारात्मक बदलाव आते हैं। गोबर के उपलेहोलिका दहन में गाय के उपलों से बनी माला और गोबर के उपले डालना शुभ होता है। ऐसा करने से वातावरण शुद्ध होता है…

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