नई दिल्ली: खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए 12 अगस्त 2026 बेहद खास रहने वाला है। इस दिन दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, जिसके दौरान कुछ क्षेत्रों में दिन के समय कुछ मिनटों के लिए अंधेरा छा जाएगा। हालांकि यह खगोलीय घटना भारत में दिखाई नहीं देगी, लेकिन दुनिया के कई देशों में इसका अद्भुत नजारा देखा जा सकेगा। इच्छुक लोग इसे ऑनलाइन लाइव भी देख सकेंगे। किन देशों में दिखाई देगा पूर्ण सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों के अनुसार 12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण रूस के उत्तरी हिस्से,…
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5 अगस्त के बाद बनेगा बुध-शनि का नवपंचम योग, इन 3 राशियों पर रह सकती है शुभ प्रभाव, करियर और धन लाभ के बन रहे योग
नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 5 अगस्त की रात बुध ग्रह मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के साथ बुध और शनि के बीच नवपंचम योग का निर्माण होगा। ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक यह शुभ योग 22 अगस्त तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान कुछ राशियों के जातकों को करियर, आर्थिक स्थिति और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है। क्या होता है नवपंचम योग? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब दो ग्रह एक-दूसरे से पंचम और नवम भाव में स्थित होते हैं,…
Read Moreसावन में शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से पहले जान लें ये 4 अहम नियम, तभी पूर्ण मानी जाती है भगवान शिव की पूजा
नई दिल्ली: सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो चुका है और पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है, लेकिन इसे अर्पित करने के भी कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। इन नियमों का पालन करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होने की मान्यता है। सोमवार और चतुर्थी को बेलपत्र न तोड़ें धार्मिक मान्यता के…
Read Moreदेवघर की अद्भुत परंपरा! बाबा बैद्यनाथ से पहले क्यों होता है मां काली का श्रृंगार? जानिए हृदयपीठ का धार्मिक रहस्य
देवघर: झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में सदियों से चली आ रही एक अनूठी धार्मिक परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभाई जाती है। यहां प्रतिदिन शाम को बाबा बैद्यनाथ का श्रृंगार करने से पहले मां काली का श्रृंगार किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि देवघर शिव और शक्ति के संयुक्त स्वरूप का पवित्र धाम है, इसलिए यहां पूजा की यह विशेष परंपरा आज भी कायम है। हृदयपीठ होने के कारण निभाई जाती है यह परंपरा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवघर वह स्थान है…
Read Moreश्रावण पुत्रदा एकादशी 2026 कब है? नोट कर लें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व
नई दिल्ली: सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है। इस पूरे माह में भगवान शिव की आराधना के साथ कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। इन्हीं में से एक है श्रावण शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी, जिसे पवित्रोपना एकादशी और पवित्र एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर संतान सुख की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। कब रखा जाएगा श्रावण पुत्रदा एकादशी…
Read Moreगरुड़ पुराण में क्या है अंतिम संस्कार का नियम? जानिए चिता पर मृतक का सिर किस दिशा में रखने की मान्यता
नई दिल्ली: सनातन परंपरा में अंतिम संस्कार को जीवन के महत्वपूर्ण संस्कारों में माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के बाद किए जाने वाले प्रत्येक कर्म का विशेष महत्व होता है। गरुड़ पुराण में भी अंतिम संस्कार से जुड़े कई नियमों का उल्लेख मिलता है। इन्हीं में एक प्रमुख नियम मृतक के शरीर को चिता पर रखने की दिशा से संबंधित है, जिसे आत्मा की शांति और मुक्ति से जोड़कर देखा जाता है। गरुड़ पुराण में क्या बताया गया है? गरुड़ पुराण के अनुसार, अंतिम संस्कार के समय…
Read MoreGaruda Puran Tips: गरुड़ पुराण के ये 3 नियम बदल सकते हैं आपकी किस्मत! घर में बनी रहेगी सुख-समृद्धि, मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा
नई दिल्ली: सनातन धर्म में गरुड़ पुराण को प्रमुख महापुराणों में से एक माना जाता है। इसमें केवल मृत्यु के बाद की अवस्थाओं का ही वर्णन नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने, नैतिक आचरण अपनाने और सुख-समृद्धि प्राप्त करने के कई महत्वपूर्ण सूत्र भी बताए गए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि व्यक्ति गरुड़ पुराण में बताए गए कुछ सरल नियमों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना ले, तो जीवन की कई बाधाएं दूर हो सकती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा के साथ समृद्धि का वातावरण बना रहता है।…
Read MoreJagannath Rath Yatra 2026: रथ यात्रा से पहले सोने की झाड़ू से क्यों होती है मार्ग की सफाई? जानिए ‘छेरा पहंरा’ के पीछे छिपे 3 बड़े धार्मिक रहस्य
नई दिल्ली: 16 जुलाई से भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा 2026 का शुभारंभ होने जा रहा है। सनातन परंपरा के सबसे भव्य धार्मिक आयोजनों में शामिल इस पर्व में भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं। रथ यात्रा से जुड़ी एक विशेष परंपरा हर वर्ष श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करती है, जिसमें भगवान के रथ के मार्ग की सफाई सोने के हत्थे वाली झाड़ू से की जाती है। इस अनुष्ठान को ‘छेरा पहंरा’ कहा…
Read Moreहरतालिका तीज 2026: सोमवार को बन रहा दुर्लभ संयोग, जानिए कब रखें व्रत, शुभ मुहूर्त और क्यों बढ़ गया इस बार का महत्व
नई दिल्ली: अखंड सौभाग्य और मनचाहे वर की कामना के लिए रखा जाने वाला हरतालिका तीज व्रत इस वर्ष 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। इस बार यह पर्व भगवान शिव के प्रिय दिन सोमवार को पड़ रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ संयोग माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दुर्लभ संयोग के कारण हरतालिका तीज का महत्व पहले की तुलना में और अधिक बढ़ गया है। यह व्रत हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। कब रखा…
Read Moreसावन में हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा क्यों है खास? जानिए सुहागिन महिलाओं के लिए इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
नई दिल्ली: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति, हरियाली और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस पवित्र महीने में सुहागिन महिलाएं विशेष रूप से हरी चूड़ियां धारण करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरे रंग की चूड़ियां केवल श्रृंगार का हिस्सा नहीं बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और सुखी वैवाहिक जीवन का प्रतीक मानी जाती हैं। मान्यता है कि सावन में हरी चूड़ियां पहनने से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है तथा दांपत्य जीवन में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहती है। हरी चूड़ियों को क्यों…
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