फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला होली का पर्व इस साल 4 मार्च 2026 को रंगों के साथ मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में होली का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होली की रात वर्ष की चार प्रमुख महारात्रियों में से एक है। इन महारात्रियों में दीपावली, जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि और होली की रात शामिल हैं। इन विशेष रात्रियों में साधना, जप, पूजा और दीपदान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन कुछ खास स्थानों पर दीपक जलाने से घर…
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Holashtak 2026: 1 मार्च को होलाष्टक का छठा दिन, उग्र होंगे बुध—3 राशियों के करियर और शिक्षा में बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें उपाय
Holashtak 2026 की शुरुआत 24 फरवरी से हो चुकी है और 1 मार्च को इसका छठा दिन है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक के आठ दिनों में अलग-अलग ग्रह उग्र अवस्था में रहते हैं। 1 मार्च को बुध ग्रह उग्र माने जा रहे हैं, जिसका प्रभाव कुछ राशियों पर प्रतिकूल पड़ सकता है। खासकर करियर, शिक्षा और व्यापार से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है। इन राशियों पर दिखेगा बुध की उग्रता का असर होलाष्टक के छठे दिन बुध के उग्र होने से कर्क, कन्या और…
Read Moreभारत के 6 रहस्यमयी मंदिर: कहीं चूहों की पूजा, कहीं समुद्र में डूबता है शिवालय, तो कहीं बिना तेल जलती है अग्नि!
नई दिल्ली: भारत को मंदिरों की धरती यूं ही नहीं कहा जाता। यहां आस्था के साथ-साथ रहस्य और परंपराओं की ऐसी अनोखी कहानियां जुड़ी हैं, जो पहली बार सुनने पर अविश्वसनीय लगती हैं। देशभर में कई मंदिर अपनी भव्यता और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो अपनी विचित्र मान्यताओं, अनोखी रस्मों और रहस्यमयी घटनाओं के कारण विश्वभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। आइए जानते हैं भारत के 6 ऐसे मंदिरों के बारे में, जिनकी खासियत आपको हैरान कर देगी। करणी माता मंदिर:…
Read MoreHolika Dahan 2026: होलिका दहन की रात करें ये खास उपाय, भय और कर्ज से मिलेगी राहत, धन-समृद्धि के खुलेंगे रास्ते
फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर होने वाला होलिका दहन भारतीय परंपरा में विशेष धार्मिक महत्व रखता है। होलिका दहन के बाद ही रंगों वाली होली खेली जाती है। इसे होलिका दीपक और छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन का मुहूर्त बेहद संवेदनशील माना जाता है। कहा जाता है कि अन्य पर्वों की तरह यदि पूजा सही समय पर न हो तो केवल फल की प्राप्ति नहीं होती, लेकिन होलिका दहन यदि अशुभ समय में किया जाए तो यह नकारात्मक प्रभाव…
Read Moreदिन में तीन बार रंग बदलता है शिवलिंग! महाशिवरात्रि पर बाबा इकोत्तरनाथ मंदिर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
घुंघचाई (पूरनपुर)। महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक आते ही क्षेत्र में धार्मिक उत्साह चरम पर है। शिवालयों में साफ-सफाई, रंग-रोगन और विशेष सजावट का काम तेज़ी से जारी है। प्रशासन भी पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियों में जुटा है। बाजारों में रौनक बढ़ चुकी है और शिवभक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। महाशिवरात्रि हर वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस वर्ष 15 फरवरी, रविवार को यह महापर्व मनाया जाएगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और माता…
Read Moreनंदी के दाहिने कान में ही क्यों कही जाती है मनोकामना? जानिए क्या है धार्मिक मान्यता और 5 अहम नियम
नई दिल्ली। महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पावन मिलन का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। शिवलिंग की पूजा-अर्चना के बाद भक्त नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना फुसफुसाते हुए नजर आते हैं। धार्मिक मान्यता है कि नंदी के कान में कही गई प्रार्थना सीधे भगवान शिव तक पहुंचती है। हालांकि, इसके लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी बताया…
Read Moreअगर कुंडली में है चंद्र दोष तो फाल्गुन में बढ़ सकती हैं मानसिक और भावनात्मक परेशानियां, जानें वजह और असरदार उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में चंद्रमा कमजोर या पीड़ित हो तो उसे चंद्र दोष माना जाता है। चंद्र दोष से ग्रस्त व्यक्ति को मानसिक तनाव, चिंता, अनावश्यक भय, भावनात्मक अस्थिरता और भ्रम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों का मन बार-बार भटकता है, जिससे निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है। कई मामलों में नींद की समस्या, सिरदर्द और मानसिक थकान भी देखने को मिलती है। फाल्गुन मास का चंद्रमा से खास संबंधफाल्गुन माह को भारतीय पंचांग में भावनाओं और आनंद से जुड़ा महीना माना गया…
Read MoreMahashivratri 2026: पार्वती को अर्धांगिनी बनाने से पहले शिव ने क्यों बदला था रूप? जानिए तप, परीक्षा और प्रेम की पौराणिक कथा
नई दिल्ली। महाशिवरात्रि केवल व्रत और रुद्राभिषेक का पर्व नहीं है, बल्कि यह उस अद्वितीय प्रेम, त्याग और तपस्या का प्रतीक है, जिसके बल पर माता पार्वती ने महादेव को पति रूप में प्राप्त किया। पौराणिक ग्रंथों में वर्णित एक कथा बताती है कि विवाह से पहले भगवान शिव ने स्वयं माता पार्वती की भक्ति और प्रेम की अंतिम परीक्षा ली थी। इस दौरान महादेव ने ऐसा रूप धारण किया, जिससे पार्वती को यह साबित करना पड़ा कि उनका प्रेम केवल शिव के ऐश्वर्य से नहीं, बल्कि उनके तपस्वी और…
Read MoreMahashivratri 2026: कब है महाशिवरात्रि, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और महादेव को प्रसन्न करने वाले चमत्कारी मंत्र
Mahashivratri Kab Hai 2026: शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का प्रतीक महाशिवरात्रि महापर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। हिंदू धर्म में इसे सबसे पवित्र और आध्यात्मिक पर्वों में गिना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। महाशिवरात्रि पर व्रत, रात्रि जागरण और विधि-विधान से की गई पूजा से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और शिव कृपा प्राप्त होती है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष महाशिवरात्रि अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग में मनाई जाएगी। फाल्गुन…
Read Moreशंकराचार्य विवाद पर प्रवीण तोगड़िया ने जताई चिंता, कहा,जो गलत है, उसे काल भैरव दंड देंगे
वाराणसी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल के संस्थापक डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जिन पर हिंदू समाज को एक रखने की जिम्मेदारी है, वही आज बंटे हुए नजर आ रहे हैं। यदि हिंदू समाज इसी तरह विभाजित रहा तो भारत में उसका अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। डॉ. तोगड़िया ने कहा कि शंकराचार्य पीठ से जुड़ा जो विवाद खड़ा हुआ है, उससे पूरा हिंदू समाज दुखी है और वे स्वयं भी इससे आहत…
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