दिन में तीन बार रंग बदलता है शिवलिंग! महाशिवरात्रि पर बाबा इकोत्तरनाथ मंदिर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब

घुंघचाई (पूरनपुर)। महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक आते ही क्षेत्र में धार्मिक उत्साह चरम पर है। शिवालयों में साफ-सफाई, रंग-रोगन और विशेष सजावट का काम तेज़ी से जारी है। प्रशासन भी पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियों में जुटा है। बाजारों में रौनक बढ़ चुकी है और शिवभक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। महाशिवरात्रि हर वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस वर्ष 15 फरवरी, रविवार को यह महापर्व मनाया जाएगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और माता…

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काशी विश्वनाथ धाम में 14 से 17 फरवरी तक बंद रहेगा बाबा का स्पर्श दर्शन, महाशिवरात्रि पर प्रशासन का बड़ा फैसला

वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 14 फरवरी से 17 फरवरी तक भगवान श्रीकाशी विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन पर रोक लगा दी गई है। इस अवधि में भक्त केवल बाबा के झांकी दर्शन ही कर सकेंगे। महाशिवरात्रि पर पारंपरिक विधि से होंगी पूजा-अर्चना और आरतियांमंदिर न्यास की ओर से स्पष्ट किया गया है कि महाशिवरात्रि के…

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Mahashivratri 2026: पार्वती को अर्धांगिनी बनाने से पहले शिव ने क्यों बदला था रूप? जानिए तप, परीक्षा और प्रेम की पौराणिक कथा

नई दिल्ली। महाशिवरात्रि केवल व्रत और रुद्राभिषेक का पर्व नहीं है, बल्कि यह उस अद्वितीय प्रेम, त्याग और तपस्या का प्रतीक है, जिसके बल पर माता पार्वती ने महादेव को पति रूप में प्राप्त किया। पौराणिक ग्रंथों में वर्णित एक कथा बताती है कि विवाह से पहले भगवान शिव ने स्वयं माता पार्वती की भक्ति और प्रेम की अंतिम परीक्षा ली थी। इस दौरान महादेव ने ऐसा रूप धारण किया, जिससे पार्वती को यह साबित करना पड़ा कि उनका प्रेम केवल शिव के ऐश्वर्य से नहीं, बल्कि उनके तपस्वी और…

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Mahashivratri 2026: कब है महाशिवरात्रि, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और महादेव को प्रसन्न करने वाले चमत्कारी मंत्र

Mahashivratri Kab Hai 2026: शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का प्रतीक महाशिवरात्रि महापर्व को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। हिंदू धर्म में इसे सबसे पवित्र और आध्यात्मिक पर्वों में गिना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। महाशिवरात्रि पर व्रत, रात्रि जागरण और विधि-विधान से की गई पूजा से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और शिव कृपा प्राप्त होती है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष महाशिवरात्रि अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग में मनाई जाएगी। फाल्गुन…

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