Jagannath Rath Yatra 2026: रथ यात्रा से पहले सोने की झाड़ू से क्यों होती है मार्ग की सफाई? जानिए ‘छेरा पहंरा’ के पीछे छिपे 3 बड़े धार्मिक रहस्य

नई दिल्ली: 16 जुलाई से भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा 2026 का शुभारंभ होने जा रहा है। सनातन परंपरा के सबसे भव्य धार्मिक आयोजनों में शामिल इस पर्व में भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं। रथ यात्रा से जुड़ी एक विशेष परंपरा हर वर्ष श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करती है, जिसमें भगवान के रथ के मार्ग की सफाई सोने के हत्थे वाली झाड़ू से की जाती है। इस अनुष्ठान को ‘छेरा पहंरा’ कहा…

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बदरीनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर बवाल! दान में गड़बड़ी के आरोपों से मचा हड़कंप, मंदिर समिति ने बैठाई जांच

देहरादून: अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी के आरोपों के बाद अब उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में भी चढ़ावे और दान-पुण्य में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने से हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर मामला तेजी से चर्चा में आने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आरोपों को बेहद गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के…

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चित्रकूट प्रसंग से भावविभोर हुई श्रीराम कथा, लक्ष्मण टीला पर भव्य मंदिर निर्माण का दोहराया संकल्प; न्यायालय का सम्मान करते हुए पक्ष रखने की बात भी कही

लखनऊ: नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के छठवें दिन पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास और चित्रकूट प्रवास का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने चित्रकूट को केवल एक तीर्थ नहीं बल्कि रामभक्ति, त्याग, तपस्या और लोकमंगल की पावन भूमि बताते हुए इसे भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में आयोजित कथा में स्वामी रामभद्राचार्य ने एकश्लोकी रामायण को लेकर प्रचलित धारणाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मान्यता सही नहीं है कि…

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दिन में तीन बार रंग बदलता है शिवलिंग! महाशिवरात्रि पर बाबा इकोत्तरनाथ मंदिर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब

घुंघचाई (पूरनपुर)। महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक आते ही क्षेत्र में धार्मिक उत्साह चरम पर है। शिवालयों में साफ-सफाई, रंग-रोगन और विशेष सजावट का काम तेज़ी से जारी है। प्रशासन भी पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियों में जुटा है। बाजारों में रौनक बढ़ चुकी है और शिवभक्तों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। महाशिवरात्रि हर वर्ष फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस वर्ष 15 फरवरी, रविवार को यह महापर्व मनाया जाएगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान शिव और माता…

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