सोने-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट, ₹2,600 तक सस्ता हुआ गोल्ड; चांदी भी ₹4,200 से ज्यादा टूटी

नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार, 31 अगस्त को शुरुआती कारोबार के दौरान बड़ी गिरावट देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार में भारी मुनाफावसूली और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच सोने का भाव करीब 2 फीसदी तक नीचे आ गया। सोना वायदा 2,600 रुपये से ज्यादा टूटकर 1,53,640 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी वायदा भी 4,200 रुपये से अधिक गिरकर 2,32,501 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव

वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों में लगातार गिरावट का दौर जारी है। शुक्रवार को 3 फीसदी से अधिक की गिरावट के बाद सोमवार को भी सोने के भाव नीचे आए। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से महंगाई पर सख्त रुख अपनाए जाने के संकेतों के बाद निवेशकों के बीच यह अनुमान मजबूत हुआ है कि साल खत्म होने से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है।

इसी आशंका के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 1.2 फीसदी तक गिरकर लगभग 4,400 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोने ने जून की शुरुआत के बाद अपनी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की थी।

ब्याज दर बढ़ने की आशंका से टूटा सोना

अमेरिकी केंद्रीय बैंक के चेयरमैन केविन वॉर्श ने जैक्सन होल, व्योमिंग में आयोजित वार्षिक सम्मेलन में महंगाई को 2 फीसदी के लक्ष्य तक वापस लाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने इस लक्ष्य को स्थायी और निश्चित बताया।

इसके बाद बाजार में सितंबर में होने वाली केंद्रीय बैंक की बैठक को लेकर ब्याज दर बढ़ने की संभावना 50 फीसदी से अधिक मानी जाने लगी है। ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका ने सोने पर दबाव बढ़ाया है।

निवेशकों के लिए आगे भी दबाव की आशंका

गामा एसेट मैनेजमेंट एसए के वैश्विक वृहद अर्थव्यवस्था पोर्टफोलियो प्रबंधक राजीव डी मेलो के मुताबिक, मौद्रिक नीति के सख्त रुख की ओर बढ़ने का संकेत कई निवेशकों के लिए अप्रत्याशित रहा। ऐसे में निकट अवधि में सोने की कीमत पर दबाव बना रह सकता है।

उनके मुताबिक आने वाले समय में सोना करीब 4,200 से 4,300 डॉलर प्रति औंस के दायरे में रह सकता है। हालांकि उन्होंने लंबी अवधि के निवेशक के तौर पर सोने में अपना निवेश बनाए रखने की बात कही।

तेल की कीमतों ने भी बढ़ाई महंगाई की चिंता

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी महंगाई को लेकर चिंता बढ़ाई है। रविवार को अमेरिकी सेना ने ईरानी रॉकेट प्रक्षेपकों पर हमला किया। अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, इन रॉकेट प्रक्षेपकों के जरिए जलमार्ग में बारूदी सुरंगें भेजने की तैयारी की जा रही थी।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के बीच यह एक महीने से अधिक समय में ईरान के खिलाफ पहली अमेरिकी सैन्य कार्रवाई बताई गई है।

अगस्त में फिर भी करीब 10 फीसदी चढ़ा सोना

हालिया गिरावट के बावजूद अगस्त में सोने की कीमत करीब 10 फीसदी बढ़ी है। इस वजह से यह जनवरी के बाद अपनी सबसे बड़ी मासिक बढ़त की ओर बढ़ रहा है। महीने के मध्य में अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से बॉन्ड की पुनर्खरीद बढ़ाने की अप्रत्याशित घोषणा के बाद सोने में तेजी आई थी।

उधारी लागत को नियंत्रित करने के इस कदम से बाजार में ‘डिबेसमेंट ट्रेड’ फिर सक्रिय हुआ। इसी रुझान ने वर्ष 2025 में सोने की कीमतों में करीब 65 फीसदी की तेजी में भी अहम भूमिका निभाई थी।

 

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