नई दिल्ली: सनातन धर्म के प्रमुख ग्रंथों में शामिल गरुड़ पुराण केवल मृत्यु, कर्म और परलोक से जुड़े विषयों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को बेहतर बनाने वाले अनेक व्यवहारिक और नैतिक सिद्धांतों का भी उल्लेख करता है। गरुड़ पुराण के आचार कांड में दैनिक जीवन, स्वच्छता, अनुशासन और सामाजिक व्यवहार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ ऐसी आदतें हैं, जो व्यक्ति की उन्नति में बाधा बन सकती हैं और घर की सुख-समृद्धि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं।…
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निर्जला एकादशी पर बनेगा दुर्लभ नवपंचम राजयोग! शनि-शुक्र की युति से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन और सफलता के बनेंगे प्रबल योग
नई दिल्ली: इस वर्ष 25 जून को पड़ने वाली निर्जला एकादशी धार्मिक आस्था के साथ-साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद खास मानी जा रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन शनि और शुक्र के विशेष संबंध से नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा, जिसे शुभ और प्रभावशाली योगों में गिना जाता है। माना जा रहा है कि इस योग का प्रभाव कई राशियों पर सकारात्मक रहेगा, जबकि चार राशियों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। क्या होता है नवपंचम राजयोग? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब…
Read MoreBedroom Vastu Tips: रातभर नहीं आती सुकून भरी नींद? बेडरूम से तुरंत हटाएं ये चीजें, वास्तु के ये आसान उपाय बदल देंगे सब कुछ
Bedroom Vastu Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनिद्रा, बार-बार नींद टूटना और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कई बार इसके पीछे केवल खराब दिनचर्या ही नहीं, बल्कि बेडरूम का वास्तु भी जिम्मेदार माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम में मौजूद कुछ गलतियां सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित करती हैं, जिससे नींद और मानसिक शांति पर असर पड़ता है। अगर आप भी अच्छी और गहरी नींद चाहते हैं तो कुछ आसान वास्तु उपाय अपनाकर बड़ा बदलाव महसूस कर सकते हैं। बिस्तर की दिशा का…
Read Moreसूर्य देव को तांबे के लोटे से ही क्यों दिया जाता है अर्घ्य? जानें धार्मिक मान्यता और इसके पीछे का विज्ञान
नई दिल्ली: वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ माह में सूर्य देव 15 मई को वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ ही वृषभ संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन सूर्य उपासना और विशेष रूप से अर्घ्य देने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल अर्पित करने से विशेष फल प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। तांबे के लोटे से अर्घ्य देने की परंपरा क्यों है खास? धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं…
Read MoreKitchen Vastu Tips: रसोई में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, नाराज हो सकती हैं मां अन्नपूर्णा; जानें सही नियम
हिंदू मान्यताओं में रसोईघर को केवल भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना गया है। कहा जाता है कि जहां रसोई साफ-सुथरी और संतुलित होती है, वहां मां अन्नपूर्णा का वास होता है और घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं रहती। ऐसे में किचन से जुड़े कुछ वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना गया है, क्योंकि छोटी-छोटी गलतियां भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। रसोई में भूलकर भी न करें ये गलतियां रसोई में टूटे या चटके बर्तनों का इस्तेमाल अशुभ माना जाता…
Read Moreशनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाते समय तेल में डालें ये खास चीज, शनि साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव हो सकता है कम
शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है और शनिवार का दिन उन्हें समर्पित होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं और उनकी कृपा से जीवन में बड़े बदलाव संभव हैं, वहीं उनकी नाराजगी जीवन में कई तरह की बाधाएं भी ला सकती है। माना जाता है कि जब किसी राशि पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चलती है तो मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। पीपल की पूजा का विशेष महत्वशनिवार के दिन पीपल वृक्ष की पूजा…
Read MoreRam Navami 2026: क्यों मनाई जाती है राम नवमी, जानें भगवान राम के जन्म की पूरी कथा और महत्व
चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मनाई जाने वाली राम नवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, मर्यादा और आदर्श जीवन मूल्यों का प्रतीक है। यह दिन भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। लेकिन इस पर्व के पीछे की कथा और इसका महत्व बेहद गहरा और प्रेरणादायक है। कैसे हुआ भगवान राम का जन्म?पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ के पास सब कुछ होते हुए भी संतान नहीं थी, जिससे वह चिंतित रहते…
Read MoreChaitra Navratri 2026: खरमास और पंचक के बीच भी होगी घटस्थापना, जानिए पूजा का सही मुहूर्त और पूरी विधि
नई दिल्ली। चैत्र नवरात्र का पावन पर्व इस वर्ष 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हो रहा है। हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। इस बार नवरात्र की शुरुआत ऐसे समय में हो रही है जब पंचांग के अनुसार खरमास और पंचक का संयोग बना हुआ है। सामान्य तौर पर इन दोनों स्थितियों को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता, इसलिए कई श्रद्धालुओं के मन में घटस्थापना और देवी पूजा को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। हालांकि धर्मग्रंथों और ज्योतिष…
Read More39 दिनों तक सतर्क रहने की जरूरत: 13 मार्च को शनि होंगे अस्त, कन्या, सिंह और मकर राशि पर सबसे ज्यादा असर
नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार न्याय के देवता माने जाने वाले शनि देव 13 मार्च 2026 को शाम 7:38 बजे अस्त होने जा रहे हैं। इस समय शनि ग्रह मीन राशि में सूर्य के बेहद करीब होंगे, जिसके कारण उनकी शक्ति कम मानी जाती है। ज्योतिष में इस स्थिति को “ग्रह का अस्त होना” कहा जाता है। बताया जा रहा है कि शनि 18 अप्रैल 2026 को सुबह 5:29 बजे दोबारा उदित होंगे। इस दौरान 15 मार्च से 14 अप्रैल तक सूर्य भी मीन राशि में रहेगा, जिससे शनि…
Read MoreSurya Grahan 2026: अमावस्या पर लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, दिन में छा जाएगा अंधेरा; जानिए तारीख, समय और कहां दिखेगा
साल 2026 में लगने वाले सूर्य ग्रहणों में से पहला ग्रहण 17 फरवरी को लग चुका है, जबकि अब दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। यह ग्रहण खगोलीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान कई क्षेत्रों में सूर्य पूरी तरह ढक जाएगा, जिससे दिन में ही घना अंधेरा छा सकता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा, जो इसे और भी विशेष बनाता है। सूर्य ग्रहण की तारीख और समय साल का दूसरा…
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