योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों को राहत, सेवा निगम के लिए 20 करोड़ रुपये मंजूर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने आउटसोर्सिंग सेवा निगम को सक्रिय और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उसके संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला मंगलवार को हुई योगी कैबिनेट की बैठक में लिया गया। सरकार यह राशि शून्य ब्याज पर उपलब्ध कराएगी, जिसकी अदायगी पांच वर्ष बाद शुरू होगी और अगले 10 वर्षों तक हर साल दो करोड़ रुपये की दर से की जाएगी।

आउटसोर्स सेवा निगम को मिलेगा वित्तीय सहयोग

सरकार का कहना है कि आउटसोर्सिंग सेवा निगम को मजबूत बनाने का उद्देश्य सरकारी विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और पारिश्रमिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और एकरूप बनाना है। निगम के संचालन के लिए स्वीकृत 20 करोड़ रुपये इसी दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।

भर्ती और सेवा व्यवस्था होगी अधिक पारदर्शी

राज्य सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि आउटसोर्स कर्मचारियों की पूरी व्यवस्था को तकनीक आधारित और जवाबदेह बनाया जाएगा। जून में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निगम की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि भर्ती, सत्यापन, निगरानी और अन्य प्रक्रियाओं के लिए एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल समयबद्ध तरीके से तैयार किया जाए। साथ ही एजेंसियों के चयन और संचालन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को मानकीकृत और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया था।

कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा पर जोर

सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों का बेहतर संरक्षण होगा और सरकारी विभागों को भी सुव्यवस्थित मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा सकेगा। निगम के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया और मानदेय व्यवस्था में एकरूपता लाने का लक्ष्य रखा गया है।

कैबिनेट ने छात्राओं के लिए स्कूटी योजना को भी दी मंजूरी

कैबिनेट ने महिला सशक्तिकरण के तहत रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को भी मंजूरी दी। योजना के तहत वर्ष 2025-26 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली प्रत्येक संस्थान की शीर्ष पांच प्रतिशत छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। पात्र परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। वाहन का पंजीकरण, बीमा और पांच लीटर पेट्रोल का खर्च सरकार वहन करेगी। दिव्यांग, निराश्रित और शहीद परिवारों की छात्राओं के लिए मेरिट और आय की शर्त लागू नहीं होगी।

भारतीय ज्ञान परंपरा के लिए शोधपीठ स्थापित होंगी

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए शोधपीठ स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। विश्वविद्यालयों को एक करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा, जिसे सावधि जमा के रूप में रखा जाएगा और उसके ब्याज से शोधपीठ का संचालन होगा। 50 वर्ष पूरे कर चुके तथा 5,000 से अधिक छात्र संख्या वाले महाविद्यालय भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।

वाराणसी में बनेगा नया महिला छात्रावास

वाराणसी स्थित बसंत महिला महाविद्यालय में 112 छात्राओं की क्षमता वाले नए महिला छात्रावास के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। लगभग 248.30 लाख रुपये की लागत से यह निर्माण त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत कराया जाएगा।

विंध्य और लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को हरी झंडी

योगी कैबिनेट ने विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना को भी मंजूरी दे दी है। करीब 333 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र को जोड़ेगा। परियोजना को 36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक एक्सप्रेसवे को भी स्वीकृति मिली है, जिससे गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।

 

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