वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कामकाजी महिलाओं के सम्मान समारोह में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। बिना नाम लिए उन्होंने यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति के लिए माफिया के सामने भी गिड़गिड़ाने से पीछे नहीं हटते।
चुनाव में जाति के नाम पर बांटने का आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के समय कई लोग नई-नई घोषणाएं लेकर जनता के बीच आएंगे और जातीय आधार पर समाज को बांटने की कोशिश करेंगे। लेकिन जब किसी दुर्दांत माफिया के खिलाफ कार्रवाई की बात आती है तो ऐसे लोगों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। उन्होंने कहा कि यही लोग माफिया के सामने मौन होकर गिड़गिड़ाते नजर आते हैं।
बेटी और बहन की सुरक्षा से खिलवाड़ पर सख्त चेतावनी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अब कानून का राज है और अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया जा चुका है। बेटी और बहन की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए अब दो ही रास्ते हैं—जेल या जहन्नुम।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले परिवारों को बेटियों को स्कूल और कॉलेज भेजने में उनकी सुरक्षा की चिंता रहती थी। प्रशिक्षण या रोजगार के लिए घर से बाहर निकलने पर भी परिवारों के सामने यही सवाल होता था कि बेटी सुरक्षित लौटेगी या नहीं। सुरक्षा का भरोसा नहीं होने पर सबसे पहले बेटियों के सपनों पर रोक लगती थी।
सरकार ने महिलाओं को दिया सुरक्षित माहौल का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया है, जिसमें महिलाओं और बेटियों को सुरक्षा का भरोसा मिला है। अब घर से बाहर निकलने को लेकर पहले जैसा भय का माहौल नहीं है।
काशी में 12 साल में करीब एक लाख करोड़ के प्रोजेक्ट
योगी आदित्यनाथ ने काशी में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में वाराणसी में करीब एक लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट या तो पूरे हो चुके हैं या उन पर काम शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना भेदभाव के काशी के विकास के लिए लगातार काम किया है। देश में नई तकनीक और नवाचार आता है तो उसका लाभ काशी को भी मिलता है। समाज के हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ काम हुआ है। यही वजह है कि वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय राजनेताओं की चर्चा होने पर काशी के सांसद प्रधानमंत्री मोदी का नाम प्रमुखता से सामने आता है।
सिर्फ योजना नहीं, लाभार्थी तक लाभ पहुंचाने पर जोर
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले महिलाओं के सामने समस्याओं की लंबी श्रृंखला थी। बेटी को स्कूल भेजने पर सुरक्षा की चिंता, घर में शौचालय नहीं होने पर सम्मान की चिंता, रसोई के धुएं से स्वास्थ्य की चिंता और इलाज के लिए पैसे की चिंता रहती थी। परिवार की आमदनी बढ़ाने और महिलाओं के घर से बाहर निकलने पर भी रास्ते, संपर्क और अवसरों की कमी जैसी चुनौतियां थीं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसा तंत्र विकसित किया है, जिसमें केवल योजनाएं बनाना ही लक्ष्य नहीं है। लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के रास्ते में आने वाले हर अवरोध को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
डर के कारण बेटियों के सपनों पर नहीं लगेगा विराम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार किया गया है। पहले परिवारों को चिंता रहती थी कि बेटी कॉलेज या प्रशिक्षण के लिए बाहर जाएगी तो उसकी सुरक्षा कैसे होगी। सुरक्षा का भरोसा नहीं होने पर परिवार बेटियों के सपनों को रोक देते थे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार ने तय किया कि बेटियों को पढ़ाना भी है, आगे बढ़ाना भी है और उनके रास्ते से भय को भी समाप्त करना है। आज प्रदेश में बेटियों और महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा से समझौता करने वालों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। अपराध किया तो कार्रवाई तय है—जेल या जहन्नुम।
