18 साल की युवती ने चुना अपना जीवनसाथी, हाई कोर्ट ने पति के साथ रहने की दी इजाजत; कहा- माता-पिता की इच्छा सर्वोपरि नहीं

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 18 वर्षीय युवती को अपनी पसंद से पति के साथ रहने की अनुमति दी है। अदालत ने कहा कि बालिग व्यक्ति को अपना जीवनसाथी चुनने और अपनी पसंद की जगह पर रहने की संवैधानिक स्वतंत्रता है। माता-पिता की चिंताएं अपनी जगह जायज हो सकती हैं, लेकिन उन्हें किसी वयस्क की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और स्वायत्तता पर हावी नहीं होने दिया जा सकता। जस्टिस संदीप जैन ने अधिकारियों को युवती और उसके पति की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जीवनसाथी चुनने का…

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