18 साल की युवती ने चुना अपना जीवनसाथी, हाई कोर्ट ने पति के साथ रहने की दी इजाजत; कहा- माता-पिता की इच्छा सर्वोपरि नहीं

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 18 वर्षीय युवती को अपनी पसंद से पति के साथ रहने की अनुमति दी है। अदालत ने कहा कि बालिग व्यक्ति को अपना जीवनसाथी चुनने और अपनी पसंद की जगह पर रहने की संवैधानिक स्वतंत्रता है। माता-पिता की चिंताएं अपनी जगह जायज हो सकती हैं, लेकिन उन्हें किसी वयस्क की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और स्वायत्तता पर हावी नहीं होने दिया जा सकता। जस्टिस संदीप जैन ने अधिकारियों को युवती और उसके पति की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जीवनसाथी चुनने का…

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डिग्री हो या नौकरी, घर संभालने वाली महिला ‘गृहिणी’, कर्नाटक हाईकोर्ट ने बताई इसकी व्यापक परिभाषा

बेंगलुरु: कर्नाटक हाईकोर्ट ने गृहिणी की परिभाषा को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि परिवार की देखभाल और घर की जिम्मेदारियां निभाने वाली महिला को गृहिणी माना जा सकता है, भले ही उसके पास उच्च शैक्षणिक डिग्री हो या वह नौकरी करती हो। अदालत ने साफ किया कि किसी महिला को गृहिणी मानने के लिए उसका अनपढ़ होना या केवल घर के काम तक सीमित रहना जरूरी नहीं है। क्या है पूरा मामला? मामला 2013 में कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम की बस से हुई एक सड़क दुर्घटना…

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पति के दबाव में मायके की संपत्ति में हिस्सा मांगना भी दहेज की मांग, हाईकोर्ट का अहम फैसला

कोलकाता: दहेज से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई महिला अपने पति के दबाव, उत्पीड़न या मजबूरी में मायके की पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगती है, तो इसे दहेज की मांग माना जाएगा। अदालत ने कहा कि महिला को पैतृक संपत्ति में हिस्सा मांगने का कानूनी अधिकार है, लेकिन यदि यह मांग पति के दबाव का परिणाम है तो यह दहेज की व्यापक परिभाषा के दायरे में आएगी। दहेज हत्या मामले में सुनाया गया अहम निर्णय यह फैसला जून…

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