नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में स्थित हंसराज कॉलेज के वार्षिक उत्सव के दौरान हुई झड़प के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कॉलेज प्रशासन की शिकायत के आधार पर 14 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला 8 और 9 अप्रैल को आयोजित उत्सव के दौरान हुई हिंसा और दुर्व्यवहार की घटनाओं से जुड़ा है।
उत्सव में हिंसा और अव्यवस्था, बाहरी लोगों की एंट्री से बढ़ी समस्या
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार्यक्रम के दौरान न केवल छात्रों के बीच झड़प हुई, बल्कि कुछ बाहरी लोगों के प्रवेश से स्थिति और बिगड़ गई। पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।
अभी तक नहीं हुई कोई गिरफ्तारी, जांच जारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि परिस्थितियों का पूरा आकलन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कॉलेज प्रशासन का सख्त कदम, 30 छात्र निलंबित
घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने भी कड़ा रुख अपनाया है। छात्र संघ के चार पदाधिकारियों समेत करीब 30 छात्रों को निलंबित कर दिया गया है। 25 अप्रैल को जारी नोटिस में कहा गया कि सोशल मीडिया के माध्यम से संस्थान की छवि खराब करने, अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल और अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते यह कार्रवाई की गई है।
निलंबन के दौरान कैंपस में एंट्री पर रोक
प्रशासन के आदेश के अनुसार, निलंबित छात्रों को परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन को छोड़कर कॉलेज परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यह निलंबन अंतरिम है और अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा।
पहले भी जारी हुआ था नोटिस, अनुशासनहीनता के आरोप
इस मामले में पहला नोटिस 20 अप्रैल को एक छात्र के खिलाफ जारी किया गया था, जिसमें संस्थान की मानहानि और स्टाफ के खिलाफ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया था। इसके बाद दूसरे नोटिस में 14 छात्रों के नाम शामिल किए गए, जिन पर उत्सव के दौरान हिंसा और अव्यवस्था फैलाने का आरोप है।
प्रधानाचार्य की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे घटनाक्रम पर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. रामा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
