100 करोड़ की नेटवर्क मार्केटिंग ठगी का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार; वेब सीरीज से मिली सुराग, 60 हजार युवाओं को बनाया शिकार

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में नेटवर्क मार्केटिंग की आड़ में कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने एक मैरिज लॉन में छापा मारकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, जहां करीब 250 युवाओं को कथित तौर पर लोगों को जोड़कर कमाई करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। मामले में कंपनी के सीएमडी समेत 10 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने देशभर में 60 हजार से अधिक युवाओं को अपने जाल में फंसाया है।

मैरिज लॉन में चल रही थी ट्रेनिंग, 17-17 हजार रुपये लेकर जोड़ते थे सदस्य

पुलिस के मुताबिक, गिरोह युवाओं से 17-17 हजार रुपये लेकर उन्हें नेटवर्क से जोड़ता था। इसके बाद उनसे नए सदस्य जोड़ने के लिए कहा जाता था और आकर्षक वेतन व कमाई का लालच दिया जाता था। जांच में सामने आया कि अकेले कानपुर के करीब दो हजार युवक इस नेटवर्क का हिस्सा बनाए गए थे।

9 राज्यों में फैला था नेटवर्क

जांच में पता चला कि विन मेकर आयुर्वेदा प्राइवेट लिमिटेड वर्ष 2025 से सक्रिय थी। कंपनी ने कानपुर, गोरखपुर, झांसी, वाराणसी, बस्ती, बेगूसराय समेत नौ राज्यों में अपने सेंटर संचालित किए थे। कानपुर के हनुमंत विहार स्थित धनवंतरि आयुर्वेदा नाम के सेंटर पर छापेमारी के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अन्य राज्यों में संचालित केंद्रों की जानकारी जुटाई जा रही है।

वेब सीरीज से समझ आया ठगी का तरीका

एडीसीपी सुमित सुधाकर ने बताया कि आरोपियों द्वारा अपनाया गया तरीका एक वेब सीरीज में दिखाए गए पिरामिड मॉडल से काफी मिलता-जुलता था। उन्होंने बताया कि हाल ही में वह वेब सीरीज देखने के बाद इस तरह की धोखाधड़ी के तरीके को बेहतर ढंग से समझ सके, जिससे मामले की जांच में महत्वपूर्ण मदद मिली।

नियमों के विपरीत चल रही थी कंपनी

पुलिस आयुक्त ने बताया कि वैध नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियों में आय का मुख्य स्रोत उत्पाद या सेवाओं की बिक्री होती है, जबकि इस कंपनी की आमदनी नए सदस्य जोड़ने पर निर्भर थी। इसी आधार पर कंपनी के खिलाफ ठगी समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है।

एसआईटी गठित, बड़े नेटवर्क की जांच शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इसकी जिम्मेदारी एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके को सौंपी गई है। एसआईटी पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और अन्य राज्यों तक फैले संचालन की जांच करेगी।

सीएमडी समेत 10 आरोपी फरार

पुलिस जिन आरोपियों की तलाश कर रही है उनमें कंपनी के सीएमडी इनामुल हक, एमडी डॉ. विजय कुशवाहा, फ्रेंचाइजी संचालक अमित यादव, हृदयानंद सिंह, चंदन पासवान, कन्हैया, अजीत कुमार, रविराज, रमैया, शिवम कुमार और राहुल कुमार शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

 

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