रामगढ़झील में दर्दनाक हादसा! तेज रफ्तार स्पीड बोट दूसरी नाव पर चढ़ी, 21 वर्षीय युवक की मौत, दो घायल

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित रामगढ़झील में रविवार रात नौका विहार के दौरान बड़ा हादसा हो गया। झील में आमने-सामने आ रही दो नावों की टक्कर इतनी भीषण थी कि तेज रफ्तार स्पीड बोट दूसरी मोटरबोट के ऊपर चढ़ गई। हादसे में कुशीनगर निवासी 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद प्रशासन ने दोनों नावों के चालकों को हिरासत में ले लिया है और दोनों संचालक फर्मों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।

कुछ सेकंड की लापरवाही ने छीन ली जान

रात करीब 8:40 बजे एक मोटरबोट नौ पर्यटकों को लेकर प्लेटफॉर्म से झील की ओर जा रही थी। इसी दौरान दूसरी स्पीड बोट छह पर्यटकों को लेकर झील से लौट रही थी। आमने-सामने हुई टक्कर में तेज रफ्तार स्पीड बोट मोटरबोट के ऊपर चढ़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सवार यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और झील में चीख-पुकार मच गई।

एक युवक की मौत, दो की हालत गंभीर

हादसे में कुशीनगर जिले के हाटा क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी 21 वर्षीय लखमुद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ कप्तानगंज के अजीज नगर निवासी क्यामुद्दीन अंसारी, एक बालक हमजा और बोट चालक को जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने लखमुद्दीन को मृत घोषित कर दिया। घायलों का उपचार जारी है, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी

हादसे की सूचना मिलते ही कमिश्नर अनिल ढींगरा, डीआईजी एस. चेनप्पा, डीएम दीपक मीना, जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, एसपी सिटी निमिष पाटिल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने दुर्घटनाग्रस्त स्पीड बोट और मोटरबोट का निरीक्षण किया। कमिश्नर ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

दोनों चालक हिरासत में, लाइसेंस हुए निरस्त

गोरखपुर विकास प्राधिकरण के सचिव पुष्पराज सिंह ने बताया कि प्लेटफॉर्म नंबर-5 से इंटरनेशनल वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का संचालन करने वाली ई-सिटी बायोस्कोप एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड मोटरबोट का संचालन करती थी, जबकि प्लेटफॉर्म नंबर-4 से ललित इंटरप्राइजेज स्पीड बोट का संचालन कर रही थी। हादसे के बाद दोनों फर्मों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। दोनों चालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच के लिए ओएसडी प्रखर उत्तम के निर्देशन में समिति गठित की गई है, जो अपनी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की सिफारिश करेगी।

पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा

रामगढ़झील में यह पहली बार नहीं है जब नौकायन के दौरान बड़ा हादसा हुआ हो। 22 जुलाई 2025 को भी दो स्पीड बोट आपस में टकरा गई थीं। उस हादसे में एक दंपति और उनका बेटा घायल हुए थे, जबकि दोनों नावों पर सवार सभी 13 लोग झील में गिर गए थे। हालांकि उस समय सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

पिछले हादसे के बाद प्रशासन ने शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक निर्धारित शर्तों के साथ नौकायन की अनुमति दी थी। सुरक्षा मानकों के तहत लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित गोताखोर, प्रत्येक नाव पर सर्च लाइट, क्षमता से अधिक यात्रियों पर रोक और मद्यपान पर प्रतिबंध जैसे निर्देश लागू किए गए थे। ताजा हादसे के बाद एक बार फिर रामगढ़झील में सुरक्षा व्यवस्था और स्पीड नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

 

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