आजमगढ़। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सादगी, ईमानदारी और निष्कलंक छवि की मिसाल रहे वरिष्ठ नेता एवं निजामबाद सीट से कई बार विधायक रहे आलम बदी का गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही आजमगढ़ समेत पूरे प्रदेश और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।
निधन की सूचना मिलते ही सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शोक जताया है।आजमगढ़ के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सादगी और शुचिता के प्रतीक
आलम बदी को उत्तर प्रदेश की राजनीति के उन गिने-चुने जनप्रतिनिधियों में गिना जाता था, जिन्होंने आजीवन जनसेवा को ही अपना एकमात्र धर्म माना।कई बार विधायक रहने के बावजूद उन्होंने कभी कोई निजी संपत्ति या धन-दौलत अर्जित नहीं की। उनके पास अपने पैतृक मकान के अलावा कोई निजी संपत्ति नहीं थी।
जनता से सीधा जुड़ाव: वे लगातार जमीनी स्तर पर जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करते रहे। राजनीतिक विरोधी भी उनकी ईमानदारी, सौम्यता और बेदाग चरित्र का सम्मान करते थे।
राजनीतिक दिग्गजों ने जताया दुख
उनके निधन पर समाजवादी पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। नेताओं ने कहा:”आलम बदी जी का जाना उत्तर प्रदेश की जनपक्षधर और नैतिक राजनीति की एक अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने यह साबित किया कि बिना संसाधनों और सादगी के साथ भी लंबे समय तक जनता का दिल जीता जा सकता है।”
स्थानीय जनता और समर्थकों के अनुसार, प्रदेश ने एक सच्चा, समर्पित और निस्वार्थ जनप्रतिनिधि खो दिया है। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक आवास पर पूरे सम्मान के साथ किया जाएगा, जहां उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विधायक आलम बदी के निधन पर जताया शोक
उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने आजमगढ़ जनपद की निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र के 90 वर्षीय वयोवृद्ध विधायक आलम बदी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
अध्यक्ष महाना ने अपने शोक संदेश में कहा कि आलम बदी का निधन प्रदेश की राजनीति एवं सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में जनसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा सामाजिक सरोकारों के प्रति उल्लेखनीय योगदान दिया। उनका सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और जनकल्याण के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।
