पेरिस: वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर फ्रांस ने बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच फ्रांस ने अपने विशेष माइन काउंटरमेजर संसाधनों की तैनाती का ऐलान किया है। इस कदम का उद्देश्य जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना बताया गया है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जानकारी दी कि देश ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में दो माइनहंटर, दो फ्रिगेट और एक समुद्री गश्ती विमान तैनात किए हैं। ये सभी संसाधन सहयोगी देशों के साथ मिलकर समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने और नौवहन गतिविधियों को सामान्य बनाए रखने में भूमिका निभाएंगे।
समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने पर जोर
फ्रांसीसी राष्ट्रपति के अनुसार, तैनात किए गए सैन्य संसाधनों का मुख्य उद्देश्य समुद्री मार्ग में संभावित खतरों को कम करना और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि फ्रांस अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
मैक्रों ने कहा कि माइनहंटर, फ्रिगेट और समुद्री निगरानी विमान सामूहिक रूप से समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने का काम करेंगे और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहेंगे।
अमेरिका-ईरान समझौते को बताया सकारात्मक संकेत
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए समझौते को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मैक्रों के मुताबिक, क्षेत्रीय परिस्थितियों और सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सैन्य तैनाती की रणनीति में भी बदलाव किया गया है।
चार्ल्स डी गॉल लौटेगा, लेकिन सुरक्षा मिशन जारी रहेगा
फ्रांस ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसका विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल अपने होम पोर्ट टूलॉन लौटेगा। हालांकि, माइन काउंटरमेजर संसाधन और उनकी सुरक्षा में तैनात जहाज क्षेत्र में बने रहेंगे।
फ्रांस का कहना है कि बदलते हालात के अनुसार सुरक्षा संसाधनों में आवश्यक संशोधन किए जाते रहेंगे और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर उसकी सक्रिय भूमिका जारी रहेगी।
ब्रिटेन और फ्रांस ने दिखाई संयुक्त रणनीति
इस बीच ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त बयान जारी कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को वैश्विक अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण जीवनरेखा बताया है। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून, नौवहन की स्वतंत्रता और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि आवश्यकता पड़ने पर दोनों देश बहुराष्ट्रीय सैन्य मिशन की तैनाती पर भी विचार कर सकते हैं। इसके अलावा ओमान के साथ क्षेत्रीय समुद्री जल की सुरक्षा को लेकर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी है।
वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर उठाया गया कोई भी कदम वैश्विक बाजार और समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
