अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में बड़ा मोड़ आ गया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला को पुलिस ने रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान चोरी से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं और पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं।
सुबह जेल से लेकर गई पुलिस टीम
शुक्रवार सुबह पुलिस टीम जेल पहुंची और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अविनाश शुक्ला को अपने साथ ले गई। मेडिकल परीक्षण के बाद उसे रिमांड कक्ष में लाकर पूछताछ शुरू की गई। अधिकारियों का मानना है कि आरोपी से मिली जानकारी जांच को नई दिशा दे सकती है।
कोर्ट ने मंजूर की पुलिस कस्टडी
मामले की सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने पूछताछ और संभावित बरामदगी के लिए लंबी अवधि की पुलिस कस्टडी की मांग की थी। अदालत ने सुनवाई के बाद अविनाश शुक्ला की सीमित अवधि की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर दी, जिसके बाद पुलिस ने उससे गहन पूछताछ शुरू की है।
नकदी, विदेशी मुद्रा और आभूषण हुए थे बरामद
जांच के दौरान आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की गई थी। इसके अलावा विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण भी जब्त किए गए थे। पुलिस का मानना है कि मामले से जुड़े अन्य सबूत और संपत्तियां भी सामने आ सकती हैं, जिनकी तलाश जारी है।
मोटरसाइकिल खरीदने की बात सामने आई
पूछताछ के शुरुआती दौर में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी ने कथित तौर पर चोरी की रकम से एक मोटरसाइकिल खरीदी थी। पुलिस अब इस दावे की सत्यता की जांच कर रही है और उससे जुड़े दस्तावेजी एवं भौतिक साक्ष्य जुटाने में लगी है।
जेल में पूछताछ के दौरान मिले अहम संकेत
जांच अधिकारियों के मुताबिक जेल में हुई प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी थीं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने रिमांड की मांग की थी। अब विस्तृत पूछताछ के जरिए चोरी की रकम, उसके इस्तेमाल और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पैतृक गांव तक पहुंच सकती है जांच
सूत्रों के अनुसार पुलिस आरोपी को उसके पैतृक गांव भी ले जा सकती है। वहां संभावित ठिकानों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग वहां से मिल सकते हैं।
मुख्य किरदार मान रही है पुलिस
जांच एजेंसियां अविनाश शुक्ला को इस पूरे प्रकरण का प्रमुख किरदार मान रही हैं। उसके पास से हुई बरामदगी और अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी पर्दे के पीछे सक्रिय थे।
अन्य नामों के सामने आने की संभावना
पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से अन्य संभावित आरोपियों या सहयोगियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। साथ ही पहले से गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका को लेकर भी नई जानकारियां मिल सकती हैं, जिससे जांच का दायरा और विस्तृत हो सकता है।
