राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बढ़ी सियासी तपिश! इस्तीफों के बाद सपा का भाजपा पर तीखा हमला, सोना-चांदी और जेवरात पर उठाए बड़े सवाल

लखनऊ: अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। मामले में जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। शुक्रवार को इस पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ तब लिया, जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।

बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार को आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद शुक्रवार को ट्रस्ट में शीर्ष स्तर पर इस्तीफों की खबर सामने आई, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी।

इस्तीफों के बाद सपा ने साधा भाजपा पर निशाना

इस घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार को निशाने पर लिया। पार्टी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा कि काफी विवाद और चर्चाओं के बाद ट्रस्ट के दो प्रमुख पदाधिकारियों ने अपने पद छोड़ दिए हैं, जबकि अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

सपा ने अपने बयान में मंदिर के चढ़ावे, जेवरात, सोना-चांदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं को लेकर कई सवाल खड़े किए और मामले की व्यापक जांच की मांग की।

सत्ता पक्ष की भूमिका पर भी उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि मामले में केवल निचले स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और कथित रूप से बड़े स्तर पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। पार्टी ने यह भी पूछा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी जवाबदेही किस स्तर तक तय की जाएगी।

इसके साथ ही सपा ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री से भी पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। पार्टी ने आरोप लगाया कि इतने बड़े स्तर की कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है।

जांच पर टिकीं सबकी निगाहें

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने और ट्रस्ट स्तर पर हुए इस्तीफों के बाद अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और उससे निकलने वाले निष्कर्ष इस मामले की आगे की तस्वीर तय करेंगे।

 

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