मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे को लेकर अब बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आ रही है। मौसम विभाग ने हादसे से एक दिन पहले ही तेज आंधी और खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की थी, लेकिन इसके बावजूद पर्यटकों से भरे क्रूज को डैम में उतार दिया गया। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, मौसम विभाग ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया था। इसके बावजूद गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे क्रूज को बरगी डैम के पानी में रवाना कर दिया गया। कुछ ही देर बाद मौसम अचानक बिगड़ गया और तेज हवा के बीच क्रूज संतुलन खो बैठा।
डैम के बीचोंबीच पलटा क्रूज
बताया जा रहा है कि हादसा डैम के किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच क्रूज पलट गया और कुछ ही पलों में पानी में समा गया।
क्रूज में कुल 29 लोग सवार थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची।
9 की मौत, कई अब भी लापता
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
इसके अलावा 9 से ज्यादा लोगों के अब भी लापता होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। बताया जा रहा है कि क्रूज लगभग 20 मीटर गहरे पानी में फंसा हुआ है, जिसकी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
सुबह होते ही बचाव अभियान को और तेज कर दिया गया। गोताखोर लगातार डैम में तलाश अभियान चला रहे हैं।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मौसम विभाग पहले ही खराब मौसम और तेज आंधी की चेतावनी दे चुका था, तब क्रूज संचालन की अनुमति क्यों दी गई।
सूत्रों के मुताबिक, पूरे मामले की जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ था या नहीं और क्या मौसम अलर्ट को नजरअंदाज किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठी बहस
बरगी डैम में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं और यहां क्रूज पर्यटन काफी लोकप्रिय माना जाता है। ऐसे में हादसे ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम के दौरान जल पर्यटन गतिविधियों पर सख्त निगरानी और तत्काल रोक जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
फिलहाल पूरे इलाके में शोक का माहौल है और प्रशासन लोगों से अफवाहों से बचने तथा आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील कर रहा है।
