मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इजरायल को लेकर बड़ा बयान दिया है। पिछले 38 दिनों से जारी संघर्ष के बीच ईरानी नौसेना ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ऐसे बदलाव हो चुके हैं, जो अब स्थायी हैं और यह मार्ग अमेरिका और इजरायल के लिए कभी भी पहले जैसा नहीं रहेगा।
ईरानी नौसेना की कसम, बदले हालात नहीं होंगे पहले जैसे
ईरानी नौसेना ने साफ शब्दों में कहा है कि युद्ध के बाद होर्मुज की स्थिति में अपरिवर्तनीय परिवर्तन हुए हैं। नौसेना ने कसम खाते हुए कहा कि दुश्मन देशों के लिए अब यह समुद्री मार्ग पहले जैसी स्थिति में लौटने वाला नहीं है।
“बाहरी ताकतें अब नहीं तय करेंगी शर्तें”
ईरान के सरकारी प्रसारक के मुताबिक, नौसेना कमान ने हालिया घटनाक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि अब अमेरिका के नेतृत्व वाली बाहरी शक्तियां ईरान के समुद्री क्षेत्र में अपनी शर्तें नहीं थोप सकतीं और न ही यहां अनियंत्रित प्रभाव डाल सकती हैं।
फारस की खाड़ी में नई व्यवस्था की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने सोशल मीडिया पोस्ट में संकेत दिया है कि फारस की खाड़ी में नई रणनीतिक व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही है। इसके तहत क्षेत्र में सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर नए कदम उठाए जा सकते हैं।
ट्रंप की चेतावनी पर ईरान का पलटवार
ईरानी नौसेना का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
दूसरे देशों के लिए रास्ता खुला रहने का संकेत
ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि मौजूदा हालात में यह समुद्री मार्ग अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों से जुड़े जहाजों को छोड़कर अन्य देशों के लिए खुला रह सकता है। युद्ध के बीच इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर ईरान की पकड़ मजबूत बताई जा रही है।
