नई दिल्ली: थाईलैंड घूमने की योजना बना रहे भारतीय यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव हुआ है। थाईलैंड सरकार ने भारत को अपनी वीजा-मुक्त प्रवेश सूची से बाहर कर दिया है। अब भारतीय नागरिकों को पहले की तरह बिना वीजा थाईलैंड में एंट्री नहीं मिलेगी। नए नियमों के तहत भारतीय यात्रियों को अब ‘वीजा ऑन अराइवल’ या ई-वीजा प्रक्रिया के जरिए प्रवेश करना होगा।
थाईलैंड की कैबिनेट ने 19 मई को संशोधित वीजा नियमों को मंजूरी दी थी। इसके तहत भारत को वीजा-फ्री श्रेणी से हटाकर ‘वीजा ऑन अराइवल’ यानी VoA कैटेगरी में शामिल कर दिया गया है। भारतीय पर्यटक वर्ष 2024 से वीजा-फ्री एंट्री सुविधा का लाभ उठा रहे थे, लेकिन अब यह व्यवस्था खत्म कर दी गई है।
थाई सरकार ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला
थाईलैंड सरकार ने कहा है कि यह फैसला देश की सुरक्षा और आव्रजन संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार के मुताबिक वीजा छूट और प्रवेश व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के बाद यह बदलाव लागू किया जा रहा है।
थाई विदेश मंत्रालय ने बताया कि कैबिनेट ने 93 देशों और क्षेत्रों के लिए लागू 60 दिन की वीजा-फ्री योजना को समाप्त करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही वीजा ऑन अराइवल योजना में भी बड़े बदलाव किए गए हैं।
अब सिर्फ चार देश VoA श्रेणी में
संशोधित नियमों के तहत भारत अब उन चार देशों में शामिल हो गया है जिन्हें नई VoA श्रेणी में रखा गया है। भारत के अलावा अज़रबैजान, बेलारूस और सर्बिया भी इस सूची में शामिल हैं।
वहीं अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, सिंगापुर और कई यूरोपीय देशों समेत 54 देशों के नागरिकों को अब 30 दिनों की वीजा-मुक्त एंट्री मिलेगी। इसके अलावा सेशेल्स, मालदीव और मॉरीशस के लिए अलग 15 दिन की वीजा छूट व्यवस्था लागू की गई है।
Royal Gazette में जारी होने के बाद लागू होंगे नियम
थाईलैंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए नियम ‘रॉयल गजट’ में प्रकाशित होने के 15 दिन बाद प्रभावी होंगे। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि जो यात्री पुराने नियमों के तहत पहले से थाईलैंड में मौजूद हैं या नए नियम लागू होने से पहले यात्रा कर रहे हैं, वे अपनी निर्धारित अवधि तक देश में रह सकेंगे।
नए नियम लागू होने के बाद यात्रियों को या तो नई वीजा व्यवस्था, किसी द्विपक्षीय समझौते या फिर थाईलैंड की ई-वीजा प्रणाली के तहत आवेदन करना होगा।
अवैध गतिविधियों के बाद सख्ती बढ़ी
थाईलैंड ने जुलाई 2024 में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 90 से अधिक देशों के यात्रियों को 60 दिन तक वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा दी थी। हालांकि अब सरकार ने इसे वापस लेने का फैसला किया है।
थाई अधिकारियों के मुताबिक हाल के महीनों में विदेशी नागरिकों से जुड़ी कई अवैध गतिविधियों के मामले सामने आए थे। इनमें ड्रग्स तस्करी, सेक्स ट्रैफिकिंग और बिना अनुमति होटल व स्कूल संचालन जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। इसके बाद सरकार ने वीजा नियमों को और सख्त करने का फैसला लिया।
भारतीय यात्रियों पर क्या होगा असर?
नए नियम लागू होने के बाद भारतीय पर्यटकों को थाईलैंड यात्रा के लिए ‘वीजा ऑन अराइवल’ प्रक्रिया अपनानी होगी या फिर पहले से ई-वीजा के लिए आवेदन करना होगा। इससे यात्रा प्रक्रिया पहले की तुलना में थोड़ी लंबी और औपचारिक हो सकती है।
