रेलवे रनिंग स्टाफ को बड़ा तोहफा, वंदे भारत-प्रयागराज एक्सप्रेस समेत 155 ट्रेनों पर मिलेगा हाई स्पीड भत्ता

प्रयागराज: भारतीय रेलवे ने रनिंग स्टाफ को बड़ी राहत देते हुए देश की 155 प्रमुख ट्रेनों को आधिकारिक रूप से हाई स्पीड श्रेणी में शामिल कर लिया है। इस फैसले के बाद इन ट्रेनों का संचालन करने वाले लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर (गार्ड) को विशेष हाई स्पीड भत्ते का लाभ मिलेगा। रेलवे के इस निर्णय से कर्मचारियों के वेतन में हर महीने 5 हजार से 10 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

रेलवे बोर्ड की ओर से जारी सूची में वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और तेजस जैसी आधुनिक ट्रेनों के साथ प्रयागराज एक्सप्रेस, महाबोधि एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस और श्रमशक्ति एक्सप्रेस को भी शामिल किया गया है।

तेज रफ्तार के बावजूद नहीं मिल रहा था भत्ता

अब तक ये ट्रेनें उच्च गति से संचालित होने के बावजूद तकनीकी रूप से हाई स्पीड श्रेणी में शामिल नहीं थीं। इसी वजह से इन ट्रेनों में ड्यूटी करने वाले रनिंग स्टाफ को विशेष भत्ता नहीं मिल पा रहा था।

रेलवे बोर्ड के नए फैसले के बाद इन कर्मचारियों को अब हाई स्पीड संचालन के लिए अतिरिक्त वित्तीय लाभ दिया जाएगा।

लोको पायलट और गार्ड के भत्ते में बढ़ोतरी

नई व्यवस्था के तहत लोको पायलटों की माइलेज दर प्रति 100 किलोमीटर 485 रुपये से बढ़ाकर 606 रुपये कर दी गई है। वहीं ट्रेन मैनेजर और गार्ड के लिए यह दर 439 रुपये से बढ़ाकर 549 रुपये कर दी गई है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन संचालन करना बेहद चुनौतीपूर्ण और उच्च एकाग्रता वाला कार्य होता है। ऐसे में यह भत्ता कर्मचारियों की विशेष कार्यक्षमता और जिम्मेदारी का सम्मान माना जा रहा है।

उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि प्रयागराज एक्सप्रेस समेत कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को हाई स्पीड सूची में शामिल किया गया है, जिससे रनिंग कर्मचारियों के भत्ते में बढ़ोतरी होगी।

रेलवे स्टेशनों पर मिलेगी ई-वाहन चार्जिंग सुविधा

इधर उत्तर मध्य रेलवे ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई रेलवे स्टेशनों के बाहर ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।

प्रयागराज मंडल के नैनी, मानिकपुर, चुनार और छिवकी रेलवे स्टेशनों पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक नैनी स्टेशन परिसर में जेल रोड की तरफ और छिवकी स्टेशन पर आरटीओ कार्यालय की ओर चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे।

70 करोड़ की अत्याधुनिक लॉन्ड्री बनेगी

यात्रियों को बेहतर और साफ-सुथरी सुविधा देने के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने प्रयागराज के केसीएनबी कोचिंग डिपो में अत्याधुनिक मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री स्थापित करने की योजना बनाई है।

करीब 70.71 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह लॉन्ड्री अगले 10 वर्षों तक संचालित होगी। यहां ट्रेनों में इस्तेमाल होने वाले कंबल, बेडशीट, तकिया कवर और तौलियों की मशीनों से धुलाई की जाएगी, जिससे यात्रियों को अधिक स्वच्छ और बेहतर गुणवत्ता वाला लिनेन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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