काठमांडू: नेपाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई सितंबर 2025 में हुए जेन-जी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों से जुड़े मामले में की गई है।
पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक भी गिरफ्तार
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व गृह मंत्री Ramesh Lekhak को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों नेताओं की गिरफ्तारी को नेपाल में नई सरकार के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है, जो जेन-जी प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
नई सरकार बनते ही एक्शन, बालेन शाह का कड़ा संदेश
हाल ही में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले Balen Shah के नेतृत्व में बनी सरकार ने पदभार संभालते ही यह बड़ा कदम उठाया है। 35 वर्षीय बालेन शाह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने हैं। रैपर से राजनीति में आए बालेन पहले काठमांडू के मेयर रहे और अब देश की कमान संभाल रहे हैं। उनकी सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि वह विवादित मामलों में सख्त कार्रवाई के मूड में हैं।
क्या है पूरा मामला?
सितंबर 2025 में नेपाल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में युवा शामिल थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी और दो दिनों के भीतर 70 से अधिक लोगों की मौत की खबरें सामने आई थीं। उस समय देश में केपी शर्मा ओली की सरकार थी। प्रदर्शन और हिंसा के बाद उनकी सरकार गिर गई थी। अब उन्हीं घटनाओं की जांच के तहत यह गिरफ्तारी की गई है।
दोष साबित हुआ तो हो सकती है सख्त सजा
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर केपी शर्मा ओली इन मामलों में दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें 10 साल तक की सजा हो सकती है। नेपाल की राजनीति में ओली एक प्रभावशाली नेता रहे हैं और प्रधानमंत्री के अलावा गृह मंत्री, उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जैसे अहम पद संभाल चुके हैं।
आगे क्या होगा, पूरे देश की नजरें टिकीं
इस गिरफ्तारी के बाद नेपाल की सियासत में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, जिसका असर देश की राजनीति और आगामी समीकरणों पर भी पड़ सकता है।
