कैंपस में रील बनाने पर लगा बैन! गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने जारी किए सख्त नियम, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

गोरखपुर: रील और वीडियो बनाने के शौकीन छात्र-छात्राओं के लिए दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय ने नए नियम लागू किए हैं। विश्वविद्यालय परिसर में अब बिना अनुमति रील या वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ अपराध की प्रकृति और गंभीरता के आधार पर चेतावनी से लेकर निष्कासन तक की कार्रवाई की जा सकती है।

कैंपस में अनुशासन के लिए तैयार किए गए नए नियम

दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर प्रशासन ने परिसर में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से छात्रों के लिए नए नियम तैयार किए हैं। इनमें सामान्य अनुशासनहीनता से लेकर गंभीर अपराधों तक के मामलों में अलग-अलग कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

विश्वविद्यालय परिसर और विभागों में बिना अनुमति रील बनाने या वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर अपलोड करने पर रोक लगा दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पान, थूकने और धूम्रपान पर भी प्रतिबंध

अतिरिक्त नियंता डॉ. वेद प्रकाश राय ने बताया कि विश्वविद्यालय की कक्षाओं, गलियारों और बरामदों में पान खाना, थूकना और धूम्रपान करना प्रतिबंधित रहेगा। परिसर की दीवारों पर पोस्टर या विज्ञापन चिपकाना और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना भी अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा गया है।

इसके अलावा बिना अनुमति बाहरी विद्यार्थियों को परिसर में प्रवेश दिलाना, तेज गति से वाहन चलाना, शोर मचाना या अन्य विद्यार्थियों की सुरक्षा को खतरे में डालना भी दंडनीय माना जाएगा।

छात्राओं के कॉमन रूम के आसपास आपत्तिजनक व्यवहार पर कार्रवाई

नए नियमों में छात्राओं के कॉमन रूम के सामने या उनके आने-जाने वाले रास्तों में अनावश्यक रूप से खड़े रहने और आपत्तिजनक व्यवहार करने को भी अनुशासनहीनता के दायरे में शामिल किया गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्र या उद्दंड व्यवहार को भी गंभीरता से लिया है। विद्यार्थियों के बीच दुर्व्यवहार, कक्षाओं और प्रयोगशालाओं के काम में बाधा पहुंचाना, मारपीट और रैगिंग को भी अपराध माना गया है।

बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने की भी मनाही

विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन कार्यालय की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी कार्यक्रम के आयोजन पर रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ मामले की प्रकृति और गंभीरता के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

दारुल उलूम देवबंद में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर भी लग चुकी है रोक

करीब एक साल पहले दारुल उलूम देवबंद प्रशासन ने भी विद्यार्थियों के स्मार्टफोन इस्तेमाल को लेकर नोटिस जारी किया था। छात्रों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर उनका मोबाइल जब्त किया जा सकता है।

इस फैसले के संबंध में देवबंदी विद्वान मौलाना कारी इसहाक गोरा ने बताया था कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबों से जोड़ना और उन्हें बाहरी ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रखना है।

 

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