सावन में क्या नहीं खाना चाहिए? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए जरूरी परहेज, जानें किन चीजों से बनानी चाहिए दूरी

नई दिल्ली: सावन का महीना धार्मिक दृष्टि से जितना महत्वपूर्ण माना जाता है, स्वास्थ्य के लिहाज से भी उतना ही संवेदनशील माना जाता है। लगातार बारिश, बढ़ी हुई नमी और मौसम में बदलाव के कारण इस दौरान संक्रमण और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। आयुर्वेद के अनुसार इस मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन शक्ति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में खानपान में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. चंचल शर्मा ने सावन के दौरान किन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए और क्या खाना बेहतर रहेगा, इसकी जानकारी दी है।

सावन में क्यों बिगड़ता है शरीर का संतुलन?

डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार बारिश के मौसम में वातावरण में नमी और ठंडक बढ़ने से शरीर के वात, पित्त और कफ तीनों दोष प्रभावित हो सकते हैं।

वात बढ़ने पर जोड़ों में दर्द, अकड़न, शरीर में भारीपन और थकान महसूस हो सकती है। वहीं पित्त बढ़ने से एसिडिटी, पेट में जलन और पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। अधिक नमी के कारण कफ दोष भी बढ़ सकता है, जिससे सर्दी, खांसी और बलगम जैसी समस्याएं होने का खतरा रहता है।

सावन में इन चीजों का सेवन करने से बचें

आयुर्वेदिक विशेषज्ञ के अनुसार बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीव तेजी से पनपते हैं। इसलिए कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित या पूरी तरह टालना बेहतर माना जाता है।

डेयरी उत्पाद, विशेषकर दही का सेवन कम से कम करना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियों से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनमें छोटे कीड़े या सूक्ष्मजीव मौजूद हो सकते हैं, जो संक्रमण का कारण बन सकते हैं। बैंगन खाने से बचने की भी सलाह दी गई है।

मांसाहारी भोजन से भी दूरी बनाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस मौसम में इसे पचाना अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है और संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।

इसके अलावा अत्यधिक तीखे और तामसिक भोजन, जैसे प्याज, लहसुन, अधिक लाल मिर्च, हींग और अधिक मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखने की सलाह दी गई है। मैदा से बने खाद्य पदार्थों से भी बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि ये पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ा सकते हैं।

सावन में क्या खाना बेहतर माना जाता है?

डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार इस मौसम में हल्का, ताजा और गर्म भोजन करना सबसे बेहतर रहता है। ऐसा भोजन पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालता और शरीर को संतुलित रखने में मदद करता है।

सब्जियों में लौकी, तोरई, भिंडी और टमाटर का सेवन किया जा सकता है। पुदीने की चटनी और सब्जियों का सूप भी लाभदायक माना गया है। फलों में सेब, केला, अनार, नाशपाती, पके जामुन और पके देसी आम का सेवन किया जा सकता है।

उबला या साफ पानी पीने की सलाह

बारिश के मौसम में दूषित पानी से हैजा और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए पानी को उबालकर ठंडा करके पीने या शुद्ध जल का उपयोग करने की सलाह दी गई है। साथ ही नियमित दिनचर्या, संतुलित भोजन और हल्का व्यायाम अपनाने पर भी जोर दिया गया है।

 

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