लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अगले दो दिनों तक बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है। लखनऊ और अवध के अधिकांश जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र के कई जिलों में सोमवार को भारी बारिश हो सकती है। तराई इलाकों में बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहने के आसार हैं।
मानसून की द्रोणी तराई की ओर खिसकी
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, मानसूनी द्रोणी अब हिमालय की तराई की तरफ बढ़ रही है। वहीं, एक निम्न दबाव क्षेत्र अमृतसर, नजीबाबाद और हरदोई होते हुए जमशेदपुर तथा दीघा के रास्ते उत्तरी-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। मौसम की इन प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की स्थिति बनी हुई है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों और तराई क्षेत्र में अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मध्यवर्ती हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर भी जारी रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में 24 अगस्त की सुबह तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार जताए गए हैं।
प्रयागराज समेत इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान
प्रयागराज, सोनभद्र, मीरजापुर, वाराणसी, संत रविदास नगर और आसपास के जिलों में भारी वर्षा की संभावना है। हालांकि, मंगलवार से भारी बारिश वाले जिलों की संख्या में और कमी आने का अनुमान है।
इसके बाद प्रदेश में पछुआ हवाएं अधिक सक्रिय होंगी, जिससे प्रभावी बारिश में धीरे-धीरे कमी आएगी। पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में प्रभावी वर्षा की संभावना कम बताई गई है।
लखनऊ में अलग-अलग इलाकों में हुई बारिश
राजधानी लखनऊ में रविवार को कई हिस्सों में अलग-अलग समय पर बारिश हुई। सुबह इंदिरानगर और गोमतीनगर में बारिश दर्ज की गई, जबकि दोपहर बाद चौक क्षेत्र में भी बारिश हुई। हालांकि, दिन में धूप निकलने के कारण तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई।
लखनऊ का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा और यह 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बस्ती में 36 डिग्री सेल्सियस रहा। बलिया में अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस और आजमगढ़ में 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
