लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण प्रभावी ढंग से नहीं चल सका। तीन दिनों के सत्र में विधानसभा की कार्यवाही महज दो घंटे 43 मिनट ही संचालित हो पाई, जबकि सदन की कुल बैठक अवधि पांच घंटे 32 मिनट रही। यानी सदन जितनी देर चला, उससे अधिक समय व्यवधान और हंगामे की वजह से कार्यवाही बाधित रही। हंगामे में बीते दो घंटे 49 मिनट आंकड़ों के अनुसार, तीन दिनों के दौरान विधानसभा की कुल बैठक अवधि पांच घंटे 32 मिनट रही, लेकिन दो…
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राम मंदिर चढ़ावा मामले पर विधानसभा में सीएम योगी का बड़ा बयान, बोले- SIT जांच में किसी साधु-संत की भूमिका नहीं मिली
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा मामले को लेकर विधानसभा में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल (SIT) की जांच में किसी भी साधु-संत की संलिप्तता सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर मामले को राजनीतिक रंग देने और धार्मिक संस्थाओं की छवि धूमिल करने का आरोप भी लगाया। ट्रस्ट के अनुरोध पर कराई गई थी एसआईटी जांच मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मीडिया में आई खबरों के बाद राज्य सरकार को पत्र लिखकर…
Read More3 अगस्त से शुरू होगा यूपी विधानसभा का मानसून सत्र, 4 अगस्त को पेश होगा अनुपूरक बजट; कई अहम विधेयकों पर रहेगी नजर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होगा। विधानसभा अध्यक्ष की स्वीकृति के बाद प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दूबे ने सत्र का कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलने की संभावना है। इस दौरान सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश करेगी और कई महत्वपूर्ण विधेयकों के साथ अन्य अहम रिपोर्टें भी सदन के पटल पर रखी जा सकती हैं। पहले दिन शोक प्रस्ताव के बाद स्थगित होगी कार्यवाही सत्र के पहले दिन 3 अगस्त को आजमगढ़ की…
Read Moreउत्तर प्रदेश में ‘घरौनी’ को मिला कानूनी सुरक्षा कवच: ग्रामीण संपत्ति के मालिकाना हक का नया युग शुरू
विधानसभा से विधेयक पारित होने के बाद अब गांवों में आबादी की जमीन का मालिकाना हक हुआ पुख्ता उत्तर प्रदेश विधानसभा ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश ग्रामीण आबादी अभिलेख विधेयक-2025 को अपनी मंजूरी दे दी है जिसके बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति से जुड़े दशकों पुराने कानूनी विवादों का अंत हो जाएगा। इस नए कानून के प्रभावी होने से गांवों की आबादी वाली जमीन पर बने घरों को वही कानूनी मान्यता और सुरक्षा मिल सकेगी जो अब तक केवल कृषि भूमि को खतौनी के जरिए प्राप्त थी।…
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