नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका के बीच डॉक्टरों को मानवीय संवेदना का महत्व समझाया है। मंगलवार को दिल्ली स्थित AIIMS के 51वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी AI तकनीक मरीज के बिस्तर के पास खड़े डॉक्टर की नैतिक जिम्मेदारी और मानवीय भूमिका की जगह नहीं ले सकती। AIIMS दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का संबोधननई दिल्ली: अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि AI और आधुनिक तकनीक चिकित्सा समेत कई क्षेत्रों में तेजी से बदलाव…
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