देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की एंट्री से पहले प्रशासन और मौसम विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। अगले 48 घंटों के भीतर राज्य के कई हिस्सों में मानसून के पहुंचने की संभावना जताई गई है। भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में 2 जुलाई को सभी जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। वहीं पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका व्यक्त की गई है।
48 घंटे में मानसून की एंट्री के अनुकूल हालात
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा तेजी से आगे बढ़ रही है। मौसमीय परिस्थितियां उत्तराखंड में मानसून के प्रवेश के लिए अनुकूल बनी हुई हैं और अगले 48 घंटों के भीतर राज्य के कई हिस्सों में मानसून दस्तक दे सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून सक्रिय होते ही राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ जाएंगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
देहरादून में थोड़ी बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल
सोमवार को राजधानी देहरादून में हुई तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। कुछ देर की बारिश के बाद रायपुर रोड, सहस्रधारा क्रॉसिंग, चूना भट्ठा, जूनानगर, दर्शनलाल चौक, कॉन्वेंट रोड और नगर निगम परिसर के आसपास जलभराव की स्थिति बन गई।
सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर नालियां ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल गया। स्थानीय लोगों ने समय पर नालों की सफाई न होने और कमजोर ड्रेनेज व्यवस्था को इसकी वजह बताया है।
आपदा से निपटने के लिए 2 जुलाई को मॉक ड्रिल
संभावित भारी बारिश और भूस्खलन जैसी आपदाओं को देखते हुए गढ़वाल मंडल प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के निर्देश पर सभी जिलाधिकारी अलर्ट मोड में हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि 2 जुलाई को सभी जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित कर आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा दर्ज हुआ तापमान
देहरादून में सोमवार को अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक रहा। वहीं पंतनगर में 32.8 डिग्री, नई टिहरी में 26.6 डिग्री और मुक्तेश्वर में 23.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
राज्य में सबसे अधिक वर्षा अल्मोड़ा जिले के सुल्त क्षेत्र में 38 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई।
पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में विशेष सतर्कता
मौसम विभाग ने पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
मेयर ने दिए जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
देहरादून नगर निगम में आयोजित समीक्षा बैठक में मेयर सौरभ थपलियाल ने अधिकारियों को मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने नालों की सफाई, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
नगर आयुक्त आलोक पांडे ने भी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश जारी किए हैं।
