राजधानी लखनऊ के विकास नगर इलाके में बुधवार शाम एक भीषण आग ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया। आवासीय क्षेत्र से सटी झुग्गी बस्ती में लगी इस आग के दौरान 100 से अधिक गैस सिलेंडरों में लगातार धमाके हुए, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें 20 से 30 फीट तक उठती रहीं और करीब 10 किलोमीटर तक धुएं का गुबार फैल गया। हालात इतने भयावह थे कि आसमान तक लाल नजर आने लगा और लोग घर छोड़कर सड़कों पर आ गए।
झुग्गी बस्ती में चिंगारी से भड़की आग, देखते ही देखते फैली तबाही
मुंशीपुलिया से आगे सीतापुर बाईपास के किनारे लंबे समय से बसी सैकड़ों झोपड़ियों में बुधवार शाम करीब 4 बजे एक चिंगारी से आग लगी, जिसने कुछ ही देर में पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचा, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी। झोपड़ियों में रखे रसोई गैस सिलेंडरों के फटने से तेज धमाके हुए और आग तेजी से आसपास के मकानों तक फैलने लगी।
दहशत, अफरा-तफरी और अपनों की तलाश में चीख-पुकार
आग के बीच बस्ती में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कोई अपने बच्चों को खोज रहा था तो कोई परिवार के अन्य सदस्यों को। पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम लोगों को रोकने की कोशिश कर रही थी, लेकिन कई लोग अंदर जाने की जिद पर अड़े रहे। हालात तब और बिगड़ गए जब कुछ लोगों ने पथराव कर दिया, जिसमें पुलिस और राहतकर्मियों समेत 8 से 10 लोग घायल हो गए।
दमकल कर्मियों के सामने बड़ी चुनौती, 8 घंटे बाद काबू
दमकल कर्मियों के लिए यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। एक ओर तेज लपटें थीं, तो दूसरी ओर सिलेंडर फटने का लगातार खतरा बना हुआ था। हर धमाके के बाद आग नई दिशा में फैल जाती थी। झुग्गियों में मौजूद ज्वलनशील सामान आग को और भड़काता रहा। बावजूद इसके, दमकल टीमों ने लगातार प्रयास करते हुए करीब 8 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात आग पर काबू पा लिया। उनकी सतर्कता के चलते आग पक्के मकानों तक पूरी तरह नहीं पहुंच सकी और बड़ी तबाही टल गई।
50 से ज्यादा मवेशी जले, सैकड़ों झोपड़ियां राख
इस हादसे में राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सैकड़ों झुग्गियां जलकर राख हो गईं और लोगों का पूरा सामान खाक हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस्ती में 1000 से अधिक झोपड़ियां थीं। आग में मुर्गे, बकरियां और कुत्तों समेत करीब 50 से ज्यादा मवेशी भी जलकर मर गए।
जांच जारी, राहत कार्य में जुटा प्रशासन
घटना के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। प्रभावित लोगों की मदद की जा रही है, जबकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। एहतियात के तौर पर फायर स्टेशन की एक टीम मौके पर तैनात रखी गई है, क्योंकि कुछ स्थानों पर अब भी आग सुलग रही है।
