नई दिल्ली। दुनिया में कई ऐसी जनजातियां मौजूद हैं, जहां अजीबोगरीब मान्यताएं और परंपराएं निभाई जाती हैं। आज भी कुछ जनजातियां अपनी प्राचीन मान्यताओं का पालन करती हैं। ऐसे में आज हम आपको म्यांमार की एक जनजाति के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी औरतों की गर्दन जिराफ की गर्दन जैसी लंबी हो जाती हैं! ये औरतें अपने गले में मेटल के छल्ले पहनती हैं। ये औरतें अपने इस अनोखे पहनावे के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं, सैकड़ों टूरिस्ट इनके गांव में जाकर इनके साथ फोटो खिंचवाते हैं। दरअसल ये छल्ल पहनने के पीछे भी एक खास वजह है, जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे।
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आइए जानते हैं कि आखिर कायन जनजाति की महिलाएं गले में छल्ले क्यों पहनती हैं। म्यांमार की कायन जनजाति की महिलाएं अपने गले में पीतल के बने छल्ले पहनने के लिए जानी जाती हैं। इस जनजाति की औरतें अपने गले में ये छल्ले एक के ऊपर एक करके पहनती हैं। इसमें नीचे सबसे बड़े आकार का छल्ला होता है और ऊपर जाते-जाते यह घटते क्रम में दिखता है। ये काफी कम उम्र से ही लड़कियों के गले में छल्ले डालने लगते हैं, जिससे उनके गले का आकार बदलकर सुराही नुमा हो जाता है और गर्दन लंबी हो जाती है। इस जनजाति के लोगों की मान्यता है कि महिलाओं की जितनी पतली और लंबी गर्दन होगी, वह उतनी खूबसूरत लगती हैं। हैरानी की बात तो ये है कि ये ब्रास से बने छल्ले 20 किलो तक भारी होते हैं।
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ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इनके लिए खेतों में काम करना कितना मुश्किल होता होगा । यह अजीबोगरीब प्रथा इस आधार पर शुरू हुई थी, कि जिस महिला की गर्दन जितनी लंबी होगी, वह उतनी ही बदसूरत दिखेगी। ऐसे में दूसरी जनजाति के लोग उसे अगवा भी नहीं करेंगे। इस तरह वह खुद को सुरक्षित रख सकती हैं। गर्दन लंबी करने से कोई उनपर बुरी नजर नहीं डालेगा। एक अन्य मान्यता के अनुसार, इनके इलाके में सदियों से बाघ पाए जाते हैं, जो शिकार के समय सीधा इंसान की गर्दन पर ही हमला करते हैं। इससे बचने के लिए यहां की महिलाओं ने सालों पहले से गले पर धातु के छल्ला पहनना शुरू कर दिया।
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