लखनऊ डेस्क: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। ताजा विवाद की शुरुआत बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर हुई, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट के बाद सियासी तकरार खुलकर सामने आ गई।
बुद्ध पूर्णिमा के वीडियो से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर यूपी के दोनों डिप्टी सीएम कुशीनगर पहुंचे थे, जहां उन्होंने महापरिनिर्वाण मंदिर में चीवर चढ़ाकर विश्व शांति और जनकल्याण की कामना की। इसके बाद ‘बुद्धम शरणं गच्छामि’ कैप्शन के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया।
इसी वीडियो को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा और उसे रिपोस्ट करते हुए लिखा कि ‘दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं बनती।’
केशव मौर्य का तीखा पलटवार
अखिलेश यादव के बयान पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि एक ‘फिट और हिट जोड़ी’ से घबराना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि वे और ब्रजेश पाठक जनता के भरोसे की पहचान बन चुके हैं।
केशव मौर्य ने आगे लिखा कि वे चक्रवर्ती सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के वंश से जुड़े हैं और उनके आदर्शों से प्रेरित होकर अखंड भारत के निर्माण के लिए संकल्पित हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के कमजोर वर्गों के साथ अन्याय हुआ है, जिसका जवाब आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा।
मीडिया पर भी दिया बयान
मीडिया से बातचीत में भी केशव मौर्य ने अखिलेश यादव के बयान को बचकाना बताया और कहा कि यह जोड़ी ‘हिट’ है। उन्होंने दावा किया कि 2027 तो दूर, सपा 2047 तक सत्ता से दूर रहेगी।
सोशल मीडिया पर बढ़ी सियासी गर्मी
गौरतलब है कि हाल के दिनों में यूपी की राजनीति में सोशल मीडिया वार-पलटवार का बड़ा मंच बन गया है। इससे पहले ब्रजेश पाठक ने भी समाजवादी पार्टी को ‘दो टके की पार्टी’ कहा था, जिसके बाद अखिलेश यादव ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी।
अब ‘दो स्टूल’, ‘फिट-हिट जोड़ी’ और ‘सोशल मीडिया वार’ जैसे बयानों ने यूपी की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है, जो आने वाले चुनावों से पहले सियासी तापमान और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
