उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी में है। योजना की सफलता को देखते हुए सरकार अब युवाओं को मिलने वाली बिना ब्याज की ऋण राशि बढ़ाने और आवेदन की आयु सीमा में राहत देने पर काम कर रही है।
सरकारी स्तर पर तैयार प्रस्ताव के मुताबिक, योजना के तहत मिलने वाला ब्याज मुक्त लोन पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक किया जा सकता है। इसके साथ ही आवेदन की न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करने की तैयारी है। हालांकि अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष ही रखी जाएगी।
अब तक 1.68 लाख से ज्यादा युवाओं को मिला लाभ
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना के तहत अब तक 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के करीब 1.68 लाख युवाओं को बिना बैंक गारंटी के पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जा चुका है।
योजना के जरिए युवा सर्विस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेटिव बिजनेस जैसे क्षेत्रों में अपना कारोबार शुरू कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि योजना ने युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में सकारात्मक असर दिखाया है।
दूसरे चरण में भी बढ़ेगी ऋण राशि
मौजूदा व्यवस्था के तहत योजना में लिए गए पांच लाख रुपये तक के ऋण को चार वर्षों में चुकाने के बाद दूसरे चरण में साढ़े सात लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन देने का प्रावधान है।
अब सरकार इस सीमा को भी बढ़ाने की तैयारी में है। प्रस्ताव के अनुसार पहले चरण में 10 लाख रुपये तक और दूसरे चरण में 15 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है, ताकि सफल उद्यमी अपने कारोबार का और विस्तार कर सकें।
2024 में शुरू हुई थी योजना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस योजना की शुरुआत 24 जनवरी 2024 को यूपी दिवस के मौके पर की गई थी। शुरुआत में सरकार ने डेढ़ लाख युवाओं को विभिन्न बैंकों के माध्यम से बिना गारंटी के ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया था।
योजना को मिले बेहतर रिस्पॉन्स के बाद अब सरकार इसके विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
आंकड़ों में समझिए योजना की स्थिति
योजना के तहत अब तक कुल 5,30,487 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनकी कुल परियोजना लागत करीब 24,964.7 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इनमें से 1,80,756 आवेदन बैंकों द्वारा स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनकी परियोजना लागत 6,142.97 करोड़ रुपये है।
वहीं 1,68,516 लाभार्थियों को अब तक ऋण वितरित किया जा चुका है। वितरित ऋण की कुल परियोजना लागत 5,913.15 करोड़ रुपये बताई गई है।
महिलाओं की भी बढ़ रही भागीदारी
योजना में महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। अब तक लोन प्राप्त करने वाले कुल लाभार्थियों में 28 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं, जबकि 72 प्रतिशत पुरुष लाभार्थी हैं।
सामाजिक वर्ग के हिसाब से देखें तो सबसे ज्यादा 49.9 प्रतिशत लाभार्थी अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी से हैं। इसके अलावा 34.3 प्रतिशत सामान्य वर्ग, 15.5 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 0.3 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के युवाओं ने योजना का लाभ लिया है।
सर्विस सेक्टर में सबसे ज्यादा रुचि
योजना के तहत सबसे अधिक युवाओं ने सर्विस सेक्टर में कारोबार शुरू करने के लिए लोन लिया है। कुल लाभार्थियों में 62 प्रतिशत युवाओं ने सर्विस सेक्टर को चुना, जबकि 38 प्रतिशत ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश किया।
सरकार का मानना है कि योजना के विस्तार से आने वाले समय में प्रदेश में स्वरोजगार और स्टार्टअप संस्कृति को और मजबूती मिलेगी।
