वॉशिंगटन: ईरान के कई ठिकानों पर अमेरिकी हवाई हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिका पर होने वाले हर हमले का जवाब कई गुना ताकत के साथ दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई पिछली रात हुए हमलों का जवाब थी और भविष्य में भी यदि अमेरिका को निशाना बनाया गया तो उससे कहीं अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा किए गए हमलों के जवाब में अमेरिका ने कहीं अधिक व्यापक सैन्य कार्रवाई की है। उनके अनुसार, यदि भविष्य में भी अमेरिका पर हमला होता है तो जवाब पहले से अधिक कड़ा होगा।
ईरान के कई ठिकानों पर हुए हवाई हमले
अमेरिका ने ईरान के चाबहार, बुशहर और बंदर अब्बास समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए। इससे पहले मंगलवार को भी अमेरिका ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
‘ईरान समझौता करना चाहता है’
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान बातचीत और समझौते की इच्छा जता रहा है। उन्होंने कहा कि सैन्य दृष्टि से अमेरिका पहले ही बढ़त हासिल कर चुका है और ईरान के पास अब सीमित विकल्प बचे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर संदेह है कि ईरान किसी संभावित समझौते का पूरी तरह पालन करेगा या नहीं।
व्यावसायिक जहाजों पर कथित हमलों को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि ईरान का व्यवहार अप्रत्याशित रहा है।
स्पेन और रक्षा खर्च पर भी की टिप्पणी
ट्रंप ने स्पेन का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले उनके बीच मतभेद थे, लेकिन अब स्पेन ने रक्षा भुगतान को लेकर अमेरिका की मांग स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता तो दोनों देशों के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ती।
ग्रीनलैंड और ईरान पर निर्भर बताए आगे के फैसले
यूरोप से अमेरिकी सैनिकों की संभावित वापसी पर पूछे गए प्रश्न के जवाब में ट्रंप ने कहा कि आगे के निर्णय ग्रीनलैंड और ईरान की स्थिति पर निर्भर करेंगे। उन्होंने कहा कि अब कई देश सहयोग की इच्छा जता रहे हैं, लेकिन मौजूदा हालात पहले की तुलना में काफी बदल चुके हैं।
भारत-पाकिस्तान तनाव का भी किया जिक्र
अपने बयान के दौरान ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए तनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच हालात बेहद गंभीर हो गए थे और संघर्ष बड़े स्तर तक पहुंच सकता था। ट्रंप ने कहा कि उस समय हालात को संभालने के प्रयास किए गए, जिससे संभावित बड़े संकट को टालने में मदद मिली।
