आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में लगातार हो रही बारिश के बीच गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। जामा मस्जिद के पीछे स्थित सुभाष बाजार (मंटोला) में नाले के ऊपर बनी एक साड़ी की दुकान अचानक भरभराकर ढह गई। हादसे के समय दुकान में मौजूद महिला सिपाही, उसकी डेढ़ वर्षीय बेटी, मां समेत छह लोग सीधे नाले में जा गिरे। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि महिला सिपाही की मां देर रात तक लापता रहीं। उनकी तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी रहा।
हादसा दोपहर करीब पौने तीन बजे हुआ। सुबह से शहर में रुक-रुक कर बारिश हो रही थी। सुभाष बाजार स्थित मंटोला नाले के ऊपर कई दुकानें बनी हुई हैं। केदारनगर निवासी तुलाराम की ‘राधा स्वामी क्लॉथ स्टोर’ नाम से साड़ी की दुकान में उस समय वह स्वयं और दो कर्मचारी मौजूद थे। इसी दौरान सैंया क्षेत्र के नगला तेहरा गांव की रहने वाली महिला आरक्षी अनीता अपनी मां गंगादेवी और डेढ़ वर्षीय बेटी अनन्या के साथ खरीदारी करने पहुंची थीं। अनीता की तैनाती लखनऊ में है और उन्हें गुरुवार को ड्यूटी ज्वाइन करनी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक तेज धमाके के साथ पूरी दुकान नाले में धंस गई। दुकान के ढहते ही वहां अफरा-तफरी मच गई और बाजार में मौजूद लोग दहशत में आ गए। आसपास के दुकानदार तुरंत राहत कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिस भी कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गई।
सबसे पहले महिला सिपाही अनीता और उनकी बेटी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में अनीता को चोटें आईं। इसके बाद दुकान मालिक तुलाराम को बाहर निकाला गया। करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद दोनों कर्मचारियों कृष्णा और लाला भाई को भी घायल अवस्था में बाहर निकाल लिया गया। सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
महिला की तलाश में चला रेस्क्यू अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान तेज कर दिया गया। गोताखोरों और फायर ब्रिगेड की टीम ने सीढ़ियों के सहारे नाले में उतरकर तलाश शुरू की। महिला की खोज के लिए मथुरा से एसडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई। नाले में बिजलीघर के पास लगे जाल तक तलाशी ली गई, लेकिन देर रात तक गंगादेवी का कोई पता नहीं चल सका।
नगर निगम के खिलाफ लोगों में नाराजगी
हादसे के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। कारोबारियों ने इस दुर्घटना के लिए नगर निगम की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया और नाले के ऊपर बनी दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
