नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी का न्यूजीलैंड का पहला आधिकारिक दौरा होगा, जिसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा का मुख्य फोकस व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देना होगा।
भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों में नया अध्याय
प्रधानमंत्री की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच हाल ही में मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर व्यापक चर्चा होगी।
न्यूजीलैंड ने भारत को बताया अहम साझेदार
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित दौरे का स्वागत करते हुए कहा है कि भारत विश्व की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग न्यूजीलैंड की आर्थिक प्रगति के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
मुक्त व्यापार समझौते से बढ़ेंगी संभावनाएं
हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते को दोनों देशों के रिश्तों में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। इस समझौते के जरिए व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने, निर्यात के नए अवसर खुलने और आर्थिक विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न्यूजीलैंड के कारोबारियों को भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जबकि भारतीय उद्योगों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे।
15 वर्षों में 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश का लक्ष्य
दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए न्यूजीलैंड ने भारत में दीर्घकालिक निवेश की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। अगले 15 वर्षों में करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर यानी 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
इस निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भारत में न्यूजीलैंड के निवेशकों को विशेष सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं, जिससे परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की प्रक्रिया तेज हो सके।
कृषि, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार पर रहेगा फोकस
भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। इसके तहत कृषि, निवेश, शिक्षा, पर्यटन, खेल, कौशल विकास, पेशेवरों की आवाजाही और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को विस्तार दिया जाएगा।
इसके अलावा किसानों, लघु उद्योगों, महिला उद्यमियों, छात्रों और कुशल पेशेवरों को भी इस साझेदारी का सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
दौरे पर टिकीं दोनों देशों की नजरें
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत और न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को देखते हुए इस यात्रा से कई महत्वपूर्ण घोषणाओं और नए अवसरों की उम्मीद की जा रही है।
