करोड़ों साल से धरती पर जिंदा है कॉकरोच, सिर कटने के बाद भी कई दिन तक रहता है जीवित! जानिए हैरान करने वाले तथ्य

नई दिल्ली: घरों की रसोई, बाथरूम और नमी वाली जगहों पर अक्सर दिखने वाला कॉकरोच इन दिनों सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से वायरल हो रहे पोस्ट्स के बीच अब लोग इस जीव से जुड़े रोचक तथ्यों को भी खूब सर्च कर रहे हैं। आमतौर पर गंदगी और परेशानी से जोड़कर देखे जाने वाले कॉकरोच के बारे में विज्ञान की दुनिया में कई ऐसे तथ्य मौजूद हैं, जो लोगों को चौंका देते हैं।

कॉकरोच, जिसे हिंदी में तिलचट्टा भी कहा जाता है, पृथ्वी पर मौजूद सबसे पुराने जीवित कीड़ों में से एक माना जाता है। वैज्ञानिक रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका अस्तित्व करोड़ों साल पुराना है। अलग-अलग अध्ययनों में इसकी उम्र को लेकर अलग दावे किए गए हैं, लेकिन माना जाता है कि यह जीव डायनासोर के दौर से भी पहले पृथ्वी पर मौजूद था।

सिर कटने के बाद भी जिंदा रहता है कॉकरोच

कॉकरोच से जुड़ा सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि सिर कट जाने के बाद भी यह कई हफ्तों तक जीवित रह सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार कॉकरोच अपने मुंह से सांस नहीं लेते, बल्कि उनके शरीर में मौजूद छोटे-छोटे छिद्रों के जरिए ऑक्सीजन अंदर जाती है। यही वजह है कि सिर अलग होने के बाद भी उनका शरीर कुछ समय तक काम करता रहता है।

हालांकि सिर कटने के बाद आखिरकार पानी और भोजन न मिलने के कारण उसकी मौत हो जाती है। एक सामान्य कॉकरोच की औसत उम्र लगभग एक साल मानी जाती है।

40 मिनट तक रोक सकता है सांस

कॉकरोच की जीवित रहने की क्षमता बेहद मजबूत होती है। यह करीब 40 मिनट तक अपनी सांस रोक सकता है। यहां तक कि पानी में रहने के बावजूद कुछ समय तक जीवित रह सकता है। वैज्ञानिक मानते हैं कि यही वजह है कि कॉकरोच को बेहद जिद्दी और मुश्किल से खत्म होने वाला जीव माना जाता है।

तेज रफ्तार और खतरे को तुरंत भांपने की क्षमता

कॉकरोच लगभग 4.8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है। इसके पैरों में मौजूद सेंसरी हेयर्स हवा के दबाव में बदलाव को महसूस कर लेते हैं, जिससे यह महज 0.05 सेकंड में खतरे को भांपकर भाग निकलता है।

यही कारण है कि घरों में कॉकरोच को पकड़ना या मारना कई बार मुश्किल हो जाता है।

अंधेरे और नमी वाली जगहों में रहते हैं सक्रिय

कॉकरोच दिन की बजाय रात में ज्यादा सक्रिय होते हैं। ये आमतौर पर पाइपों, दरारों, किचन, बाथरूम और नमी वाले कोनों में छिपकर रहते हैं। घरों में मौजूद गंदगी और बचा हुआ खाना इन्हें तेजी से आकर्षित करता है।

कुछ भी खा सकता है कॉकरोच

कॉकरोच को सर्वाहारी जीव माना जाता है। यह सिर्फ खाने की चीजें ही नहीं, बल्कि गोंद, साबुन, चमड़ा, किताबों के कवर, दीवारों की पुताई और यहां तक कि इंसानों के बाल भी खा सकता है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक कॉकरोच बिना भोजन के करीब एक महीने तक जीवित रह सकता है, लेकिन बिना पानी के यह अधिकतम एक सप्ताह तक ही जिंदा रह पाता है।

दुनिया में 4000 से ज्यादा प्रजातियां

दुनियाभर में कॉकरोच की 4000 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। हालांकि इनमें से केवल करीब 30 प्रजातियां ही इंसानों के घरों में दिखाई देती हैं। बाकी प्रजातियां जंगलों और प्राकृतिक वातावरण में रहती हैं।

Related posts