CJP को BJP ही दे रही है बढ़ावा? सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बाद पूर्व भाजपा नेता अन्नामलाई ने उठाए सवाल

दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका को सात दिन जेल में रहने के बाद बुधवार को जमानत मिल गई। दोनों की रिहाई के बाद भारतीय जनता पार्टी और दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच भाजपा छोड़ चुके तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भी पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा, सीजेपी को बढ़ावा देकर विपक्षी दलों के वोटों में बंटवारा करना चाहती है?

दास और रांका की रिहाई के बाद अन्नामलाई का सवाल

सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बाद के. अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने दशहरा समारोह के दौरान कॉकरोच का पुतला जलाए जाने का भी जिक्र किया। अन्नामलाई ने लिखा कि उन्होंने दशहरा समारोह में कॉकरोच का पुतला जलाए जाने के बारे में सुना था। उनके मुताबिक, इस कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा विधायक अशोक गोयल ने किया था, जो उनके लिए हैरानी की बात नहीं थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा कॉकरोच जनता पार्टी को मजबूत करके विपक्ष के वोटों को बांटना चाहती है?

CJP को मुफ्त प्रचार देने का आरोप

अन्नामलाई ने भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि पार्टी वास्तव में सीजेपी का विरोध कर रही है या फिर उसे मुफ्त में प्रचार दे रही है। उन्होंने आशंका जताई कि सीजेपी को एक बड़ा राजनीतिक खिलाड़ी बनाकर विपक्ष के वोटों में बंटवारा करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सीजेपी को इससे बेहतर प्रचार टीम नहीं मिल सकती थी, भले ही उसे इसके लिए पैसे ही क्यों न खर्च करने पड़ते। अन्नामलाई ने अपनी बात रखते हुए सीजेपी के विरोध करने के अधिकार का समर्थन भी किया। साथ ही उन्होंने कांग्रेस से उसके एसआईआर विरोध प्रदर्शन को लेकर सवाल पूछे।

सरकार विरोधी प्रदर्शनों को राष्ट्रविरोधी बताने पर भी जताई आपत्ति

अन्नामलाई ने सरकार के खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों को विदेशी फंडिंग से जोड़ने और उन्हें राष्ट्रविरोधी बताने की प्रवृत्ति का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछले 12 वर्षों से सत्ता में है और उसके पास विदेशी अंशदान विनियमन कानून (एफसीआरए), केंद्रीय जांच एजेंसियों तथा दूतावासों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े तंत्र मौजूद हैं। ऐसे में हर सरकार विरोधी आवाज को विदेशी फंडिंग से जुड़ा या राष्ट्रविरोधी बताना बंद किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ होने वाले हर विरोध प्रदर्शन और बयान को राष्ट्रविरोधी या बाहरी ताकतों से प्रायोजित बताना अब थकाऊ और उबाऊ हो गया है। अन्नामलाई के इस बयान को सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर भाजपा के रुख पर उनकी असहमति के तौर पर देखा जा रहा है।

विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद छोड़ी थी भाजपा

के. अन्नामलाई ने इसी साल की शुरुआत में भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनका इस्तीफा तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के करीब एक महीने बाद आया था। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, उनके और पार्टी के बीच मतभेद के संकेत पहले से ही मिलने लगे थे। इसकी एक प्रमुख वजह भाजपा का अन्नामलाई के विरोध के बावजूद एआईएडीएमके के साथ जाना बताया गया था।

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