लखनऊ। प्रदेश के 18 आवासीय विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों में से 2300 से अधिक बच्चे पहली बार हाई स्कूल की बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। इन सभी बच्चों को बोर्ड परीक्षा में 100% परिणाम प्राप्त करने के लिए उनकी तैयारी बेहतरीन तरीके से करने के लिए विभाग की ओर से विद्यालय के प्रधानाचार्य को निर्देश जारी किए गए। यह निर्देश प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने गुरुवार को समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
इस बैठक में अटल आवासीय विद्यालयों के महानिदेशक पूजा यादव, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम के एस सुंदरम और विशेष सचिव कुणाल सिल्कू उपस्थित रहे। प्रदेश में मौजूदा समय में 18 मंडल में 1267 करोड़ की लागत से श्रम विभाग की तरफ से अटल आवासीय विद्यालयों का संचालन किया जाता है।
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि पहली बार बोर्ड परीक्षा देने जा रहे हैं अटल आवासीय विद्यालयों के छात्रों की तैयारी के लिए विशेष दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इन बच्चों को परीक्षा से पहले तैयारी करने के लिए जुलाई और जनवरी माह में मॉक टेस्ट लेने के निर्देश दिए गए हैं। जुलाई में हुए मॉक टेस्ट में मेरठ के अटल आवासीय विद्यालय के 98% बच्चे सबसे अच्छे मार्क्स से पास हुए हैं।
मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि मॉक टेस्ट, रिवीजन टेस्ट ऑफ प्री बोर्ड के माध्यम से बच्चों की लगातार तैयारी कराई जाएगी। उनकी प्रोग्रेस पर निगरानी की जाएगी। हर विद्यालय में विषय वार टॉपर लिस्ट और अन्य छात्रों के लिए विशेष योजना भी शुरू होगी। साथ ही शिक्षक के साथ मेंटरशिप कार्यक्रम को भी लागू किया जाएगा। वहीं उत्तर पुस्तिकाओं को प्रेजेंटेशन के माध्यम से दूसरे छात्रों को दिखाया जाएगा।
साथ ही बोर्ड परीक्षा में समय प्रबंधन और परीक्षा तकनीक के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि पहली बार बोर्ड परीक्षा देने जा रहे अटल आवासीय विद्यालय के सभी छात्र 100% अंकों के साथ पास हों। कमजोर और मेधावी छात्रों की पहचान कर उनके लिए अलग-अलग रणनीति बनाकर तैयारी कराई जाएगी।
प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम के एस सुंदरम ने बताया कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए पिछले 5 वर्षों के सीबीएसई प्रशन पत्र को इन छात्रों से हल कराया जाएगा। वहीं कमजोर छात्रों के लिए नियमित रिमेडियल क्लास भी आयोजित की जाएगी। साथ ही प्रत्येक शिक्षक को एक छोटे समूह का मैटर बनाकर विषय विशेष मार्गदर्शन देने के लिए कहा गया है। छात्रों की हैंडराइटिंग सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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सुंदरम ने बताया कि दिसंबर से रिवीजन टेस्ट शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं हर महीने में दो बार बहु विकल्पीय प्रश्नों पर आधारित टेस्ट करने को भी कहा गया है, ताकि इन छात्रों की बोर्ड परीक्षा की तैयारी बेहतर हो सके। प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में टॉपर्स की कॉपियां भी दिखाई जाएंगी।
उन्होंने बताया क़ि उनका बिंदुवार विश्लेषण करके छात्रों को बताया जाएगा साथी कांसेप्चुअल लर्निंग और रियल गुणवत्ता शिक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। औसत और कमजोर छात्रों के लिए टारगेट बेस्ड माइक्रो लर्निंग प्रोग्राम तैयार करने के लिए कहा गया है।
