वाशिंगटन। अमेरिका में शरण मांगने वाले कम से कम 2 लाख प्रवासियों के व्यापार (B1) और पर्यटक (B2) वीजा रद्द करने की तैयारी में है। इस फैसले की जद में 70,000 से अधिक भारतीय नागरिक भी आ रहे हैं। यदि यह कदम पूरी तरह लागू होता है, तो यह अमेरिकी इतिहास में एक साथ वीजा रद्द किए जाने का सबसे बड़ा सामूहिक मामला बन जाएगा।
पर्यटन और व्यापार वीजा के दुरुपयोग पर सख्ती
अमेरिकी विदेश विभाग के आंतरिक दस्तावेजों और अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला खासतौर पर पिछले 10 वर्षों (2016 से 2026 तक) के दौरान जारी किए गए B1 और B2 वीजा पर लागू होगा। प्रशासन का मानना है कि बड़ी संख्या में लोग अल्पकालिक अवधि (व्यापार, पर्यटन या पारिवारिक मुलाकात) के लिए वैध तरीके से देश में प्रवेश करते हैं और बाद में वहां स्थायी रूप से रहने के लिए शरण (Asylum) का दावा ठोक देते हैं।
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इस फैसले से जुड़ी प्रमुख बातें
2016 से 2026 तक के मामले रडार पर: अमेरिकी विदेश विभाग 2016 से 2026 के बीच जारी उन सभी B1/B2 वीजा धारकों के वीजा रद्द करेगा, जिन्होंने शरण का आवेदन दाखिल किया है या जिनकी शरण याचिकाएं वर्तमान में लंबित हैं।
70 हजार भारतीय प्रभावित: इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर भारतीय नागरिकों पर पड़ने की आशंका है, जिनमें से 70,000 से अधिक शरण चाहने वालों के वीजा रद्द होने की प्रक्रिया में हैं।
इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई: सामूहिक स्तर पर एक साथ 2 लाख वीजा रद्द करने का यह कदम अमेरिकी इतिहास में अपनी तरह का पहला और सबसे बड़ा मामला माना जा रहा है।
कड़े इमिग्रेशन नियम: अमेरिकी प्रशासन का स्पष्ट रुख है कि अल्पकालिक प्रवेश वीजा का इस्तेमाल देश में रुककर अवैध तरीके से नागरिकता या शरण पाने के रास्ते के रूप में नहीं करने दिया जाएगा।
