नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेशेल्स दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के रिश्तों को नई मजबूती देने वाले 19 अहम समझौतों और पहलों की घोषणा की गई है। दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुए इन फैसलों को हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच हुई बातचीत में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और अंतरिक्ष जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
सेशेल्स में UPI को मिलेगा बड़ा विस्तार
दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत सेशेल्स में UPI आधारित भुगतान प्रणाली को बढ़ाने के लिए समझौता किया गया है। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और अधिक मजबूत बनाना है।
1,250 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा से विकास परियोजनाओं को मिलेगा सहारा
भारत ने सेशेल्स के विकास कार्यों को गति देने के लिए 1,250 करोड़ रुपये की अंब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट उपलब्ध कराने की घोषणा की है। भारतीय रुपये में दी जाने वाली यह वित्तीय सहायता सेशेल्स की प्राथमिकता वाली विकास परियोजनाओं में इस्तेमाल की जाएगी। इसके अलावा एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया के साथ भी एक महत्वपूर्ण वित्तीय समझौता किया गया है।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा में बढ़ेगा सहयोग
भारत ने सेशेल्स को एक तेज गश्ती पोत उपहार स्वरूप देने की घोषणा की है। इसके साथ ही सेशेल्स डिफेंस फोर्स को 10 यूटिलिटी वाहन और पांच लेजर रेडियल क्लास की नावें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। सेशेल्स कोस्ट गार्ड के लिए पीएस जोरोएस्टर पोत की मरम्मत पूरी करने और डोर्नियर विमान को आधुनिक ग्लास कॉकपिट तकनीक से अपग्रेड करने की भी घोषणा की गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्पताल से लेकर सस्ती दवाओं तक सहयोग
दोनों देशों के बीच सेशेल्स के नए राष्ट्रीय अस्पताल की प्रारंभिक तैयारियों को लेकर समझौता हुआ है। इसके अलावा भारत की जन औषधि योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण और किफायती भारतीय दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी समझौता किया गया है। भारत ने सेशेल्स को छह एम्बुलेंस भी उपलब्ध कराई हैं, जबकि भारतीय पैरामेडिकल विशेषज्ञ वहां के स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए पहुंच चुके हैं।
चावल और सीमेंट की सहायता भी देगा भारत
विकास सहयोग के तहत भारत ने सेशेल्स को 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट देने की घोषणा की है। इसके अलावा दोनों देशों के 50 साल पुराने राजनयिक संबंधों की याद में विशेष स्मारक लोगो भी जारी किया गया है। प्रोफेशनल और टेक्निकल एजुकेशन सेंटर के लिए वर्चुअल शिलान्यास कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
कृषि, शिक्षा और नाविकों के प्रशिक्षण पर भी बनी सहमति
भारत और सेशेल्स ने कृषि अनुसंधान, शिक्षा, राजनयिक प्रशिक्षण और समुद्री क्षेत्र में कौशल विकास को लेकर भी कई समझौतों को अंतिम रूप दिया है। सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान और सेशेल्स के विदेश मंत्रालय के बीच राजनयिक प्रशिक्षण कार्यक्रम पर सहमति बनी है। वहीं, सेशेल्स के ध्वज वाले जहाजों पर कार्यरत नाविकों के प्रशिक्षण और प्रमाणन को मान्यता देने पर भी समझौता हुआ है।
अंतरिक्ष और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नए अवसर
दोनों देशों ने बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग और अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। साथ ही सेशेल्स ने भारत से साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े केंद्र स्थापित करने में सहयोग का अनुरोध किया है। इसके अलावा एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, जिस पर भारत ने सकारात्मक रुख दिखाया है।
50 साल पुराने रिश्तों को मिली नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान हुए ये समझौते भारत और सेशेल्स के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग का संकेत माने जा रहे हैं। राजनयिक संबंधों की स्वर्ण जयंती पर हुई यह साझेदारी आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रणनीतिक, आर्थिक और विकासात्मक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
