लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोशल मीडिया अब सिर्फ प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि नैरेटिव सेट करने का सबसे बड़ा मंच बनता जा रहा है। इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के एक छोटे से पोस्ट ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सिर्फ तीन शब्द लिखे — “BJP बनाम CJP”। इस एक लाइन के पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में ‘CJP’ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अब तक भाजपा के खिलाफ ‘पीडीए’ यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक का नारा बुलंद करने वाले अखिलेश यादव का अचानक ‘CJP’ का जिक्र करना कई सवाल खड़े कर रहा है। लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर सपा प्रमुख किस ओर इशारा कर रहे हैं।
क्या है CJP, जिसने सोशल मीडिया पर मचा दिया शोर?
दरअसल, ‘CJP’ कोई आधिकारिक राजनीतिक दल नहीं है। सोशल मीडिया पर युवाओं द्वारा बनाया गया यह एक व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान बताया जा रहा है। ‘CJP’ का पूरा नाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बताया जा रहा है, जिसने बीते कुछ दिनों में इंटरनेट पर जबरदस्त चर्चा बटोरी है।
बताया जा रहा है कि बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ यह डिजिटल सटायर देखते ही देखते बड़े ऑनलाइन मूवमेंट में बदल गया। सोशल मीडिया पर इस व्यंग्यात्मक कैंपेन को युवाओं और छात्रों का भारी समर्थन मिला और महज एक हफ्ते के भीतर इसके फॉलोअर्स की संख्या लाखों में पहुंच गई।
युवाओं की नाराजगी को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव ने इस डिजिटल ट्रेंड को तुरंत भांपते हुए उसे अपने राजनीतिक नैरेटिव से जोड़ने की कोशिश की है। प्रदेश में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में धांधली, NEET विवाद और सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं के बीच लगातार नाराजगी बनी हुई है।
ऐसे में “BJP बनाम CJP” लिखकर अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर यह संदेश देने की कोशिश की है कि सोशल मीडिया पर युवाओं का एक बड़ा वर्ग सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यंग्यात्मक तरीके से अपनी आवाज उठा रहा है।
PDA से आगे बढ़कर डिजिटल राजनीति पर फोकस
समाजवादी पार्टी लंबे समय से ‘पीडीए’ की राजनीति को आगे बढ़ा रही है। अखिलेश यादव लगातार अपने भाषणों में कहते रहे हैं कि “जहां भाजपा है, वहां पीड़ा है और जहां पीड़ा है, वहां PDA है।” लेकिन अब सियासी लड़ाई सिर्फ जमीन पर नहीं, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी तेज होती दिखाई दे रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी के मजबूत आईटी नेटवर्क को चुनौती देने के लिए विपक्ष अब सोशल मीडिया ट्रेंड और युवा डिजिटल कैंपेन का सहारा लेने लगा है। ‘CJP’ को लेकर अखिलेश का पोस्ट भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
सोशल मीडिया से सियासत तक पहुंचा मामला
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ फिलहाल सोशल मीडिया पर तेजी से ट्रेंड कर रही है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को हाथोंहाथ लेते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव का यह पोस्ट सिर्फ एक सामान्य टिप्पणी नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों से पहले युवाओं की नाराजगी को राजनीतिक ताकत में बदलने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अब देखना होगा कि सोशल मीडिया का यह व्यंग्यात्मक ट्रेंड आगे चलकर सिर्फ डिजिटल चर्चा तक सीमित रहता है या फिर यूपी की सियासत में कोई बड़ा असर छोड़ता है।
