नई दिल्ली: देशभर में डिजिटल पेमेंट करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव लागू हो गया है। 1 अप्रैल 2026 से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने UPI लेन-देन को और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब पहले के मुकाबले पेमेंट करना ज्यादा सुरक्षित होगा, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा चरण पूरा करना अनिवार्य होगा।
अब PIN के साथ दूसरी सुरक्षा भी जरूरी
अब तक UPI पेमेंट के लिए केवल 4 या 6 अंकों का PIN डालना पर्याप्त था, लेकिन नए नियम के तहत ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ अनिवार्य कर दिया गया है। यानी अब PIN डालने के बाद एक और सुरक्षा स्तर पार करना होगा। इसमें फिंगरप्रिंट, फेस आईडी या OTP के जरिए पहचान की पुष्टि करनी होगी। जब तक दोनों चरण पूरे नहीं होंगे, तब तक खाते से पैसा नहीं कटेगा। इससे फ्रॉड की घटनाओं पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
ट्रांजेक्शन लिमिट में नहीं हुआ बदलाव
राहत की बात यह है कि रोजाना लेन-देन की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यूजर्स पहले की तरह ही प्रतिदिन 1 लाख रुपये तक ट्रांसफर कर सकेंगे। वहीं अस्पताल, शिक्षा या बीमा से जुड़े भुगतान के लिए 5 लाख रुपये तक की लिमिट पहले की तरह जारी रहेगी। हालांकि नए यूजर्स के लिए पहले 24 घंटे में 5,000 रुपये तक की ही ट्रांजेक्शन सीमा तय की गई है।
UPI से कैश निकालना पड़ सकता है महंगा
अगर आप UPI के जरिए ATM से कैश निकालते हैं, तो अब इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। कई बैंकों ने इस सुविधा को मासिक मुफ्त निकासी सीमा में शामिल कर दिया है। यानी तय सीमा खत्म होने के बाद UPI से कैश निकालने पर भी वही चार्ज लगेगा, जो डेबिट कार्ड से निकासी पर लगता है।
यूजर्स के लिए जरूरी सलाह
नए नियमों को ध्यान में रखते हुए यूजर्स को अपने सभी पेमेंट ऐप्स को तुरंत अपडेट करना चाहिए। साथ ही, मोबाइल में फिंगरप्रिंट या फेस लॉक जैसी बायोमेट्रिक सुविधा चालू रखना फायदेमंद होगा, जिससे पेमेंट प्रक्रिया तेज और सुरक्षित बनी रहे। इसके अलावा, किसी भी स्थिति में अपना PIN या OTP किसी के साथ साझा न करें, ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके।
