लखनऊ। राजधानी लखनऊ में रमजान 2026 के आखिरी शुक्रवार यानी अलविदा जुमा की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। नमाज के बाद नमाजियों ने मुल्क में अमन, भाईचारे और तरक्की के लिए विशेष दुआएं मांगीं। शहर की प्रमुख मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचे, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए थे।
शहर की प्रमुख मस्जिदों में जामा मस्जिद ईदगाह, बड़ा इमामबाड़ा और टीले वाली मस्जिद में अलविदा जुमा की नमाज दोपहर 12:45 बजे से लेकर 1:00 बजे और 1:30 बजे के बीच अदा की गई। बड़ी संख्या में नमाजियों के जुटने को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए और कई इलाकों में यातायात डायवर्जन लागू किया गया।
बड़े इमामबाड़े में रही विशेष निगरानी
विशेष नमाज के लिए बड़े इमामबाड़े में सबसे अधिक भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए यहां सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई थी। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। इसके साथ ही नमाजियों से लखनऊ पुलिस ने सुरक्षा के लिए जारी दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की थी।
दो हजार से अधिक मस्जिदों में अदा हुई जुमे की नमाज
अलविदा जुमा के मौके पर शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। जिले की दो हजार से अधिक मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। संवेदनशील इलाकों में पुलिस और प्रशासन ने पहले से फ्लैग मार्च किया था और सुरक्षाबलों को मस्जिदों के आसपास कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे।
ड्रोन और सोशल मीडिया पर भी रही नजर
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई स्तरों पर निगरानी रखी। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़भाड़ वाले इलाकों की निगरानी की गई, वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार नजर रखी गई। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए थे कि माहौल बिगाड़ने या अफवाह फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही किसी भी प्रकार के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी।
नमाज के बाद अमेरिका-इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन
अलविदा जुमा की नमाज के बाद बड़े इमामबाड़ा के बाहर कुछ लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जमीन पर पोस्टर लगाकर गाजा और ईरान में हो रहे हमलों के विरोध में अपनी नाराजगी जताई।
