उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। पिछले चार दिनों से प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य बना हुआ है। मंगलवार को हुई आंधी और बारिश के बाद बुधवार को लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत जरूर मिली, लेकिन दिन में निकली चिलचिलाती धूप ने राहगीरों के पसीने छुड़ा दिए।
बुधवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 20.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। रात और सुबह के समय हल्की ठंडक का एहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार 10 मई तक प्रदेश में तापमान सामान्य बने रहने की संभावना है।
अप्रैल में झुलसाने वाली गर्मी, मई में मिली राहत
अप्रैल महीने में उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, जिससे लोगों को रिकॉर्ड गर्मी का सामना करना पड़ा। हालांकि मई की शुरुआत से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम में बड़ा बदलाव ला दिया।
तेज आंधी, बादल और बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। कई जगहों पर तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया। हालांकि बुधवार को सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण लोगों को दोबारा गर्मी का एहसास होने लगा।
धूप ने बढ़ाई परेशानी, लेकिन लू से राहत
दिनभर आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने की वजह से सड़कों पर चलने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। खासतौर पर दोपहर के समय स्कूल से लौट रहे छात्र-छात्राओं को गर्मी का सामना करना पड़ा।
हालांकि राहत की बात यह रही कि गर्म हवाएं और लू नहीं चली। उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही हल्की हवाओं के कारण तापमान ज्यादा नहीं बढ़ा और गर्मी अपेक्षाकृत कम महसूस हुई।
कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. दिनेश शाह के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम रहा। उन्होंने बताया कि मौसम में 35 प्रतिशत नमी बनी रही, जिससे लू जैसी स्थिति नहीं बनी।
बांदा में आकाशीय बिजली गिरने से बुजुर्ग की मौत
उधर, बांदा जिले में तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार, कमासिन थाना क्षेत्र के जामू गांव निवासी 72 वर्षीय जुग्गा वर्मा मंगलवार को खेत में मवेशी चरा रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए वह एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए।
बताया जा रहा है कि तभी तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लेखपाल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक अपने पीछे तीन पुत्र छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी की दो वर्ष पहले बीमारी के कारण मौत हो चुकी है।
