नई दिल्ली: जींस पहनने वाले लगभग हर व्यक्ति ने उसकी छोटी जेब जरूर देखी होगी। कई बार लोगों के मन में सवाल भी आता है कि जब इस पॉकेट में मोबाइल, पर्स या दूसरी जरूरी चीजें नहीं रखी जा सकतीं, तो आखिर इसे बनाया ही क्यों गया। दरअसल, जींस की इस छोटी जेब के पीछे 150 साल से भी ज्यादा पुराना इतिहास छिपा हुआ है, जो आज भी इस परिधान की पहचान बना हुआ है।
जींस दुनिया के सबसे लोकप्रिय परिधानों में से एक है, लेकिन इसकी सबसे छोटी जेब को लेकर अक्सर लोगों में उत्सुकता बनी रहती है। आधुनिक दौर में भले ही इसका उपयोग सीमित हो गया हो, लेकिन जब इसका डिजाइन तैयार किया गया था, तब इसका एक खास उद्देश्य था।
1873 में शुरू हुई थी इस डिजाइन की कहानी
जींस बनाने वाली कंपनी ने 19वीं सदी में अपने शुरुआती डिजाइन में इस छोटी जेब को शामिल किया था। वर्ष 1873 में जब जींस के डिजाइन को औपचारिक रूप से मान्यता मिली, तब इस छोटी पॉकेट को भी उसका हिस्सा बनाया गया। यही कारण है कि दशकों बाद भी यह डिजाइन लगभग उसी रूप में कायम है।
क्या है इस छोटी जेब का असली नाम?
जींस की इस छोटी जेब को आमतौर पर “वॉच पॉकेट” कहा जाता है। उस दौर में लोग हाथ में घड़ी पहनने के बजाय जेब में रखी जाने वाली घड़ियों का इस्तेमाल करते थे। ऐसी घड़ियां महंगी और नाजुक होती थीं। उन्हें सुरक्षित रखने के लिए जींस में अलग से यह छोटी जेब बनाई गई थी, ताकि घड़ी टूटे या गिर न जाए।
समय बदला, लेकिन जेब बनी रही
समय के साथ पॉकेट वॉच का चलन लगभग खत्म हो गया और कलाई घड़ियों ने उसकी जगह ले ली। हालांकि जींस का यह डिजाइन लोगों के बीच इतना लोकप्रिय हो गया कि कंपनियों ने इसे हटाने के बजाय बरकरार रखा। आज यह जेब फैशन और परंपरा दोनों का हिस्सा मानी जाती है।
आज किस काम आती है यह छोटी पॉकेट?
वर्तमान समय में लोग इस छोटी जेब का इस्तेमाल सिक्के, अंगूठी, ईयरबड्स, यूएसबी ड्राइव, लाइटर, छोटी चाबियां या अन्य छोटे सामान रखने के लिए करते हैं। कई लोग इसे सिर्फ जींस के क्लासिक डिजाइन का हिस्सा मानते हैं।
जींस में होती हैं कई तरह की जेबें
जींस में सामने की जेब, पीछे की जेब, कॉइन पॉकेट, वॉच पॉकेट, कार्गो पॉकेट, फ्लैप पॉकेट, जिप पॉकेट, पैच पॉकेट, स्लांट पॉकेट और सीक्रेट पॉकेट जैसे कई प्रकार के पॉकेट डिजाइन देखने को मिलते हैं। इनमें से हर जेब का अपना अलग उपयोग और उद्देश्य होता है।
आज भले ही जींस की छोटी जेब का मूल इस्तेमाल इतिहास बन चुका हो, लेकिन यह पॉकेट अब भी दुनिया भर में बिकने वाली अधिकांश जींस का अभिन्न हिस्सा बनी हुई है और अपने साथ डेढ़ सदी पुरानी विरासत को संजोए हुए है।
