देहरादून: ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही इंटरनेट सेवाओं के बीच सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की भारतनेट योजना युवाओं के लिए स्वरोजगार का नया अवसर लेकर आई है। इस योजना के तहत गांवों के युवा अपने क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराकर न सिर्फ रोजगार हासिल कर सकते हैं, बल्कि नियमित आय का मजबूत स्रोत भी बना सकते हैं। खास बात यह है कि योजना से जुड़ने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता सिर्फ 10वीं पास निर्धारित की गई है।
गांव-गांव इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य
बीएसएनएल की भारतनेट योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है। इसके तहत ग्राम पंचायतों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। योजना में स्थानीय युवाओं को ‘भारतनेट उद्यमी’ बनने का मौका दिया जा रहा है, जिससे इंटरनेट सेवाओं का विस्तार होने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
बीएसएनएल अधिकारियों के अनुसार, योजना के माध्यम से गांवों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
10वीं पास युवा भी कर सकते हैं आवेदन
भारतनेट उद्यमी बनने के लिए किसी उच्च तकनीकी डिग्री की आवश्यकता नहीं है। आवेदन के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास रखी गई है। इच्छुक युवा अपने क्षेत्र के उप-मंडलीय अभियंता कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
चयनित होने के बाद उद्यमी अपने गांव और आसपास के इलाकों में इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराने, उपभोक्ताओं को सेवाएं देने और नेटवर्क विस्तार का काम कर सकता है।
करीब एक लाख रुपये से शुरू हो सकता है कारोबार
योजना से जुड़ने के लिए लगभग एक लाख रुपये के शुरुआती निवेश की आवश्यकता होगी। इस निवेश के बाद उद्यमी अपने क्षेत्र में इंटरनेट सेवा प्रदाता के रूप में काम शुरू कर सकता है। बीएसएनएल की ओर से तकनीकी सहयोग और संचालन संबंधी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार और बीएसएनएल से मिलेगा प्रोत्साहन
योजना के तहत उद्यमियों को प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। एक हजार से कम आबादी वाली ग्राम पंचायतों के लिए 5,400 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि निर्धारित है। एक हजार से दो हजार आबादी वाले गांवों में भी यही राशि मिलेगी।
वहीं, दो हजार से तीन हजार आबादी वाले क्षेत्रों में काम करने वाले उद्यमियों को 4,400 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
हर नए कनेक्शन और रिचार्ज से होगी कमाई
भारतनेट योजना का सबसे आकर्षक पहलू इसका आय मॉडल माना जा रहा है। उद्यमियों को केवल प्रोत्साहन राशि ही नहीं मिलेगी, बल्कि नए इंटरनेट कनेक्शन से होने वाली आय में भी हिस्सा मिलेगा।
इसके अलावा ग्राहकों द्वारा कराए जाने वाले मासिक रिचार्ज से प्राप्त राजस्व का 50 प्रतिशत हिस्सा भी उद्यमी को दिया जाएगा। इससे नियमित मासिक आय की संभावना बनती है और कारोबार बढ़ने के साथ कमाई भी बढ़ सकती है।
कई युवा पहले से उठा रहे लाभ
बीएसएनएल अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में 27 ग्रामीण उद्यमी इस योजना के तहत काम कर रहे हैं। इनमें से कई युवाओं ने अपने गांवों में इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराकर अच्छी आय अर्जित करनी शुरू कर दी है। योजना के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं का दायरा बढ़ा है और लोगों को बेहतर इंटरनेट सुविधाएं भी मिल रही हैं।
