नई दिल्ली: देश की न्याय व्यवस्था में लंबित मामलों का भारी बोझ एक बार फिर सामने आया है। देशभर के उच्च न्यायालयों में 65 लाख से अधिक मामले लंबित बताए जा रहे हैं। इन मामलों के चलते कई लोगों को न्याय के लिए वर्षों, यहां तक कि दशकों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसका एक उदाहरण राजस्थान के जालोर जिले के एक स्वास्थ्यकर्मी का मामला है, जिन्हें 1999 में दैनिक वेतन भोगी के तौर पर नौकरी से हटा दिया गया था। स्वास्थ्यकर्मी ने इस फैसले के खिलाफ जोधपुर लेबर…
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