प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि केवल किसी व्यक्ति की संपत्ति का स्रोत अज्ञात होने के आधार पर उसे अपराध की आय नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष को यह साबित करना होगा कि संबंधित संपत्ति किसी अनुसूचित अपराध से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अर्जित हुई है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने यमुना बेसिन में कथित अवैध खनन से जुड़े पीएमएलए मामले में गाजियाबाद निवासी संजय…
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