उत्तर प्रदेश में शराब कारोबार के ढांचे को बदलने के लिए नई आबकारी नीति लागू होने के साथ ही बड़े बदलाव सामने आए हैं। इस नीति का सबसे अहम उद्देश्य लंबे समय से चल रहे सिंडिकेट सिस्टम को खत्म करना और उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में अब देशी शराब की दुकानों पर ग्राहकों को एक ही ब्रांड तक सीमित नहीं रहना होगा, बल्कि अलग-अलग ब्रांड की वैरायटी उपलब्ध कराना अनिवार्य कर दिया गया है। दुकानों पर 25% नए या अन्य ब्रांड रखना होगा अनिवार्यनई नीति…
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